नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में कहा है कि कृषि मंत्रालय के पास किसान आंदोलन की वजह से किसी किसान की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

दरअसल केन्द्र सरकार से लोकसभा में सवाल किया गया गया था कि “क्या सरकार के पास इसका आंकड़ा है कि कितने किसानों की मौत किसान आंदोलन के दौरान हुई है और क्या केन्द्र सरकार के द्वारा आंदोलन के दौरान मृट किसानों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा?” इसके जवाव में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने लिखित जवाब मे कहा है कि कृषि मंत्रालय के पास किसान आंदोलन की वजह से किसी किसान की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।

किसानों ने कहा 700 किसानों की हुई है मौत

केन्द्र सरकार की ओर से भले ही कृषि आंदोलन के कारण किसी भी किसान की मौत न होने का दावा किया है, लेकिन किसान संगठनों का दावा इसके उलट है। किसान संगठनों का कहना है कि पिछले वर्ष भर के आंदोनलकाल में लगभग 700 किसानों की मौत हुई है। इसके साथ ही किसान संगठनों द्वारा अपनी शर्तों के साथ इन मृत किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की जा रही है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।