छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ी, अब हर महीने मिलेंगे 35 हजार रुपए, महालेखाकार कार्यालय से जारी हुआ परिपत्र

जब पूर्ण शराबबंदी पर अशासकीय संकल्प पर अरबी और हल्बी में उलझे विधायक, त​ब महंत बन बैठे शायर- ग़ालिब शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर या मुझे कोई ऐसी जगह बता जहां ख़ुदा ना हो…

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायकों को अब बढ़ी हुई दर से पेंशन देने के लिए महालेखाकार कार्यालय के वरिष्ठ लेखा अधिकारी ने प्रदेश के सभी कोषालय अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया है।

परिपत्र में कहा गया है कि, सभी पूर्व विधायकों को सितम्बर 2020 में हुए फैसले के मुताबिक प्रतिमाह 15 हजार रुपए की बढ़ोतरी के साथ पेंशन दी जाए। इससे पहले पूर्व विधायक को पहले 20 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलती थी। अब 35 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इसके साथ कुटुंब पेंशन की राशि भी 10 हजार की जगह 25 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगी।

महालेखाकार कार्यालय से मिले पत्र के बाद कोष, लेखा एवं पेंशन संचालनालय भी हरकत में आया है। संचालनालय ने भी सभी कोषालय अधिकारी को पत्र लिखकर इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। साथ ही यह पूछा गया है कि विधायकों को नियमानुसार पेंशन दी जा रही या नहीं। सभी कोषालय अधिकारियों से इसकी सूची भी मांगी गई है।

ये सुविधाएं भी

– 15 हजार प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता।
– वर्तमान सदस्यों की तरह ही विशेषित चिकित्सा सुविधा की पात्रता है।
– राज्य के अंदर या बाहर, एक सहयोगी के साथ रेल व हवाई यात्रा करने के लिए सालाना 4 लाख रुपए बोर्डिंग सहित कूपन।
– राज्य के अंदर एक सहयोगी के साथ निजी बसों में नि:शुल्क बस यात्रा की पात्रता है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय से बस पास कूपन दिए जाते हैं।
– पूर्व सदस्य के पति या पत्नी यदि कोई हो, तो आजीवन या उसके आश्रित को 15 वर्ष के लिए उस सदस्य की मृत्यु के दिनांक से प्रतिमाह 25 हजार रुपए की कुटुंब पेंशन दी जाती है।

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