Cockroach Janata Party Foreign Funding: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर विदेशी फंडिंग के आरोपों ने गुरुवार को राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बेंगलुरु में दावा किया कि संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से और रणनीतिकार आशुतोष रांका को पाकिस्तान के राजनेताओं से पैसा मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी एनजीओ और भारत विरोधी नेटवर्क देश में अशांति फैलाने के लिए फंडिंग कर रहे हैं। हालांकि, विपक्ष ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए सरकार से सबूत पेश करने को कहा है।
जितेंद्र सिंह ने किन लोगों पर लगाए आरोप?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारियों के पास ऐसे ठोस सबूत हैं, जो CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के रणनीतिकार आशुतोष रांका को विदेश में बैठे फाइनेंसरों से जोड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन को देश के भीतर और बाहर के अनधिकृत स्रोतों, भारत विरोधी एनजीओ और संगठनों से फंडिंग मिल रही है। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, विदेशी फंडिंग वाले एनजीओ, डीप स्टेट से जुड़े लोग और भारत विरोधी ताकतें मिलकर देश में एक खास नैरेटिव तैयार कर रही हैं। मंत्री ने दावा किया कि अभिजीत दीपके को अमेरिका में स्थित दानदाताओं से फंड मिल रहा है, जबकि आशुतोष रांका को पाकिस्तानी राजनेताओं से पैसा मिल रहा है।
बीजेपी ने CJP के प्रदर्शनों पर क्या कहा?
बीजेपी प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने CJP के हालिया विरोध-प्रदर्शनों को लेकर संगठन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों की रणनीति त्योहारों के मौसम में राष्ट्रीय राजधानी में अफरा-तफरी फैलाने के इरादे से बनाई गई थी। सिन्हा ने कहा कि पिछले एक महीने में CJP की रणनीति का उद्देश्य विद्रोह भड़काना और दिल्ली में अराजकता पैदा करना था। उन्होंने संगठन की तुलना कांग्रेस से करते हुए दोनों पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी की अदालत से जुड़ी गतिविधियों और महाभियोग की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि CJP और कांग्रेस दोनों का रुख न्यायपालिका के खिलाफ दिखाई दे रहा है।
सौरभ दास और आशुतोष रांका से पुलिस की पूछताछ
CJP को लेकर विवाद के बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांचकर्ताओं के सवाल कथित तौर पर निषेधाज्ञा का पालन नहीं करने, बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने और दूसरे पक्ष की संपत्ति में अनधिकृत रूप से घुसने से जुड़े हैं। इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने सौरभ दास और रांका को हिरासत में लिया था। दोनों को 50-50 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरने और एक साल तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन देने के बाद रिहा किया गया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को दोनों ने CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे के साथ कथित तौर पर बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया। आरोप है कि उन्होंने पुलिस बैरिकेड्स पार किए और जंतर-मंतर के बंद गेट फांदकर परिसर में प्रवेश किया। उस समय जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाया जा चुका था।
विपक्ष ने विदेशी फंडिंग के दावों पर मांगा जवाब
केंद्र सरकार के विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों को विपक्ष ने खारिज किया है। बेंगलुरु में कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) की भूमिका पर सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि अगर बीजेपी के पास कांग्रेस को विदेशी एजेंसियों से फंडिंग मिलने के सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि बिना दस्तावेज या ठोस प्रमाण के ऐसे आरोप किस आधार पर लगाए जा रहे हैं।



