CG Politics: छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी द्वारा कार्यकर्ताओं को बिना बुलाए पार्टी कार्यालय न आने की हिदायत दिए जाने के बाद सियासी घमासान मच गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस आदेश पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा प्रभारी अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करने से घबरा रही हैं, इसलिए इस तरह के तानाशाही फरमान जारी किए जा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं को पार्टी ऑफिस से दूर रखने पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि यह भारतीय राजनीति में पहली बार देखने को मिल रहा है कि कोई राजनीतिक दल अपने ही कार्यकर्ताओं को पार्टी दफ्तर आने से रोक रहा है। जो पार्टी हमेशा अपने कार्यकर्ताओं को ‘देवतुल्य’ बताती थी, आज उस पर सत्ता का नशा इस कदर हावी हो चुका है कि वह अपनों से ही दूरी बनाने लगी है। यह फरमान स्पष्ट रूप से पार्टी के भीतर मौजूद गुटबाजी और नेताओं के डर को उजागर करता है।
महंगाई और ‘मोदी की गारंटी’ को लेकर मांगा हिसाब
दीपक बैज ने कहा कि स्मृति ईरानी अतीत में महंगाई के खिलाफ बड़े-बड़े आंदोलन करके सुर्खियों में रहती थीं और शक्कर के दामों पर सवाल उठाती थीं। आज छत्तीसगढ़ की जनता महंगाई से त्रस्त है, ऐसे में जनता झोला लेकर खड़ी है। उन्होंने मांग की कि भाजपा सरकार अपनी ‘मोदी की गारंटी’ के तहत महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 35 रुपए में पेट्रोल-डीजल और महतारी वंदन योजना का पूरा लाभ सुनिश्चित करे।
साय सरकार के कार्यकाल को बताया कुशासन
कांग्रेस ने राज्य की मौजूदा विष्णु देव साय सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पौने तीन साल के इस कार्यकाल में जनता का सरकार पर से भरोसा उठ चुका है। प्रदेश में अपराध बेलगाम हो चुके हैं, अवैध नशे का कारोबार बढ़ रहा है और भ्रष्टाचार तथा कमीशनखोरी चरम पर पहुंच गई है। इन तमाम विफलताओं के कारण भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता दोनों ही बुरी तरह से आहत और आक्रोशित हैं।
कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
दीपक बैज ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। प्रतिदिन औसतन दुष्कर्म की घटनाएं, सरेआम एसिड अटैक, अपहरण और हत्याएं हो रही हैं, जिससे राज्य में भय का माहौल है। कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ आकर सरकार को उसके वादे और कर्तव्य का पाठ जरूर पढ़ाएंगी।



