Congress Protest : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मनमानी के खिलाफ एक बहुत बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने, उन पर मुकदमा चलाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने एक व्यापक दो महीने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
इसी कड़ी में राष्ट्रव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके तहत देश भर में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है।
प्रथम चरण: ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ का आयोजन
इस देशव्यापी कार्ययोजना के पहले चरण के तहत 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जनता के बीच जाकर चुनावी व्यवस्था में सुधार और संस्थागत निष्पक्षता की बहाली पर जोर दे रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा चुनावी तंत्र में पारदशिकता की कमी है, जिसके कारण जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
द्वितीय चरण: ब्लॉक स्तरीय मार्च और जनसंपर्क (10 से 20 अक्टूबर)
आंदोलन के दूसरे चरण में 10 से 20 अक्टूबर के बीच देश के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान प्रत्येक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से अपनी पदयात्रा शुरू कर स्थानीय एसडीएम या प्रशासनिक मुख्यालय तक मार्च निकालेगी, जिसमें साइकिल और बाइक रैलियां भी शामिल होंगी। समापन स्थल पर कार्यकर्ता एकत्रित होकर संविधान के अनुच्छेद 326 का सामूहिक पाठ करेंगे, राष्ट्रगान गाएंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।
दशहरा पर्व पर पर्चा वितरण और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जागरूकता
दशहरा उत्सव (10 से 18 अक्टूबर) के दौरान आयोजित होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों और सभाओं में कांग्रेस कार्यकर्ता और मोर्चा संगठनों के स्वयंसेवक आम नागरिकों के बीच विशेष पर्चे वितरित करेंगे। इन पर्चे के माध्यम से जनता को तथाकथित ‘वोट चोरी’ की पूरी साजिश और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा, ताकि आम जनता को इसके प्रति जागरूक किया जा सके।
तृतीय चरण: ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मेगा अभियान (25 अक्टूबर से 25 नवम्बर)
आंदोलन के तीसरे चरण की शुरुआत 25 अक्टूबर को राज्य और जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ नेताओं व जिला अध्यक्षों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस से होगी। इसके बाद बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं का समन्वय स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम के दूसरे और तीसरे दिन सभी ब्लॉक अध्यक्षों तथा बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की बैठकें होंगी। चौथे से दसवें दिन तक बीएलए और स्थानीय कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर ‘वोट रक्षक’ के रूप में सत्यापन अभियान चलाएंगे, ताकि उन नागरिकों का पता लगाया जा सके जिनके नाम मतदाता सूची से मनमाने ढंग से हटा दिए गए हैं।
गांव-गांव चौपाल और 1 नवम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय रैली
अभियान के अगले चरण में गांवों में ‘चारपाई चौपाल’ आयोजित की जाएंगी, जहां ग्रामीणों और हटाए गए मतदाताओं को एकत्रित कर वोट चोरी के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के सहयोग से एक विशाल राष्ट्रीय मेगा रैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश भर से सांसद, विधायक, सीएलपी नेता, प्रदेश पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता शामिल होकर अपनी एकजुटता और विरोध दर्ज कराएंगे।
चतुर्थ चरण: 25 और 26 नवम्बर को ‘दिल्ली चलो’ बहु-राज्य यात्राएं
इस दो महीने लंबे राष्ट्रव्यापी आंदोलन के अंतिम चरण के तहत संविधान दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। देश के छह प्रमुख प्रवेश मार्गों—सहारनपुर, जयपुर, अलीगढ़/मेरठ, देहरादून, चंडीगढ़ और ग्वालियर से विशाल बहु-राज्य यात्राएं निकाली जाएंगी, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को एक नया शिखर प्रदान करेंगी।



