नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के प्रमुख का पद संभाल लिया है। उनका कार्यकाल 2028 तक रहेगा। लंबे ऑपरेशनल अनुभव वाले आशुतोष दीक्षित लड़ाकू विमानों के संचालन में माहिर माने जाते हैं और अपने करियर में करीब 20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ा चुके हैं।
उनके करियर में सिर्फ विमान उड़ाने का अनुभव ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का हिस्सा रहने का अनुभव भी शामिल है। कारगिल युद्ध के दौरान भी उन्होंने भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल गतिविधियों में भूमिका निभाई थी।
कौन हैं आशुतोष दीक्षित?
आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह के लड़ाकू विमानों को उड़ाया और वायुसेना के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।
लड़ाकू विमान संचालन के साथ-साथ उन्हें ऑपरेशनल प्लानिंग और कमांड का भी अनुभव है। यही वजह है कि नए वायुसेना प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव
आशुतोष दीक्षित की सैन्य यात्रा की खास बात उनका व्यापक उड़ान अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में करीब 20 प्रकार के लड़ाकू विमानों को उड़ाया है।
फाइटर पायलट के तौर पर यह अनुभव उन्हें वायुसेना के ऑपरेशनल सिस्टम, अलग-अलग विमान प्लेटफॉर्म और युद्धक परिस्थितियों की गहरी समझ देता है।
कारगिल युद्ध में भी रहे शामिल
आशुतोष दीक्षित के करियर में कारगिल युद्ध भी एक अहम पड़ाव रहा है। वर्ष 1999 में कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दीक्षित भी उस दौर की ऑपरेशनल गतिविधियों से जुड़े रहे। कारगिल जैसे चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियान का अनुभव उनके सैन्य करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
2028 तक संभालेंगे वायुसेना की कमान
वायुसेना प्रमुख के रूप में आशुतोष दीक्षित अब भारतीय वायुसेना की सर्वोच्च कमान संभालेंगे। उनका कार्यकाल 2028 तक रहेगा।
इस दौरान वायुसेना के आधुनिकीकरण, ऑपरेशनल तैयारियों और नई तकनीक को शामिल करने जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां उनके सामने रहेंगी।
फाइटर पायलट से एयर चीफ तक का सफर
आशुतोष दीक्षित का करियर एक फाइटर पायलट के रूप में शुरू होकर वायुसेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचा है। करीब 20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव और महत्वपूर्ण ऑपरेशनल जिम्मेदारियां उनके सैन्य करियर की खास पहचान हैं।
कारगिल युद्ध जैसे अभियान से लेकर वायुसेना में विभिन्न कमांड और स्टाफ जिम्मेदारियों तक का अनुभव अब उनके नए कार्यकाल में काम आएगा।
नए वायुसेना प्रमुख के सामने बड़ी जिम्मेदारियां
भारतीय वायुसेना लगातार अपने बेड़े के आधुनिकीकरण और नई पीढ़ी की तकनीक को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में नए वायुसेना प्रमुख के सामने ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत बनाए रखना और भविष्य की चुनौतियों के लिए वायुसेना को तैयार करना अहम जिम्मेदारी होगी।



