Election Commission

टीआरपी डेस्क। केंद्रीय चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक की है। इस बैठक में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में ड्रग्स के रोकथाम के लिए एनसीबी डायरेक्टर को भी शामिल किया गया। बैठक का मकसद इन पांचों राज्यों में ड्रग्स के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। इसके बाद चुनाव आयोग ने ITBP के DG, BSF के एडिशनल DG और SSB के सीनियर अधिकारियों के साथ भी बैठक की। इसका मकसद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर दिया जोर

इस बैठक में चुनावी राज्यों में सीमा पर सुरक्षा और चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर चर्चा की गई। दरअसल, क्योंकि आगामी विधानसभा चुनाव में 4 राज्य ऐसे हैं, जिनकी सीमा दूसरे देशों से सटी हुई है लिहाजा चुनाव आयोग ने यह बैठक बुलाई है। इसमें पंजाब को अधिक संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यहां पर हाल ही में खालिस्तानी आतंकी अधिक सक्रिय हो गए हैं। इस वजह से राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। फिलहाल यहां पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

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स्वास्थ्य सचिव ने चुनाव आयोग को दी जानकारी

इससे पहले, चुनाव आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को लेकर बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और मुख्य चुनाव आयुक्त समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर जानकारी दी। इसमें राज्यवर मामलों की जानकारी दी गई।

सतर्कता बरतना जरूरी

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि फिलहाल हालात काबू में नजर आ रहे हैं। उन्होंने विश्व स्तर पर मिली रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट उतना घातक नहीं है, जितना उसे बताया जा रहा है। हालांकि, ओमिक्रॉन तेजी से फैलने वाला वेरिएंट है। राजेश भूषण ने कहा, इस वजह से लोगों को बचाव के साधन अपनाने और सतर्कता बरतने की जरूरत है। अभी राज्य सरकारें एहतियाती कदम उठा रही हैं। जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां पर भी ऐसे ही कदम उठाए जा रहे हैं। चुनाव संबंधी राज्यों में अभी ऑमिक्रोन के मामले नियंत्रण में हैं।

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