मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राउत को सोमवार को विशेष पीएमएलए अदालत से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 5 सितंबर तक बढ़ा दी है। शिवसेना सांसद की बेल का ईडी ने विरोध किया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर उन्हें बाहर निकलने का मौका मिला तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। वह सबूतों को मिटा सकते हैं और फिर उनकी रिकवरी कर पाना आसान नहीं होगा।

बता दें कि पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में राउत को एक अगस्त को हिरासत में लिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राउत के घर पर नौ घंटे तक छापेमारी की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। संजय राउत को फिलहाल आर्थर रोड जेल में रखा गया है। यहीं पर एनसीपी के नेता नवाब मलिक और अनिल देशमुख भी बंद हैं।

अदालत ने राउत को अनुमति दी है कि वे घर का खाना खा सकते हैं और दवाईयां भी ले सकते हैं। दरअसल, उन्होंने अदालत से कहा था कि वह दिल के मरीज हैं और उनके लिए बेड की व्यवस्था होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा था कि सीएमओ की ओर से जांच के बाद ही यह आदेश दिया जा सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।