Politics: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत शुक्रवार को रायपुर पहुंचे। राजधानी स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखे राजनीतिक हमले किए। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत लगातार वैश्विक मंच पर मजबूत हो रहा है, जो विरोधी ताकतों को रास नहीं आ रहा है।
कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि मतदाता सूची से लेकर तमाम प्रक्रियाएं जिला स्तर से शुरू होती हैं। यदि कांग्रेस पार्टी इन पर सवाल उठा रही है, तो क्या वह अपने ही बूथ लेवल एजेंटों (BLA), जिला अध्यक्षों और प्रदेश इकाइयों को नाकारा साबित करना चाहती है? उन्होंने स्पष्ट किया कि वैधानिक व्यवस्थाओं पर भ्रामक प्रचार करके देश में केवल अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
विकास कार्यों पर भ्रम फैलाने का आरोप
डॉ. त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पिछले 10-12 वर्षों में कांग्रेस ने हर उस व्यवस्था पर भ्रम फैलाने की कोशिश की है जो देश को मजबूत करती है। उन्होंने राफेल सौदे, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और कोरोना काल में वैक्सीन को लेकर फैलाए गए दुष्प्रचार का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने एलआईसी, एसबीआई और एचएएल (HAL) जैसी सरकारी संस्थाओं की वित्तीय मजबूती का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जनता में झूठी कहानियां गढ़ती रही है।
आंदोलनों की टाइमिंग पर सवाल
राहुल गांधी के प्रस्तावित आंदोलनों की तीखी आलोचना करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अज्ञात विदेश यात्राओं से लौटने के बाद ऐसे समय में आंदोलन की योजना बनाई जाती है, जब देश में नवरात्रि, दीपावली और छठ पूजा का पावन त्योहार चल रहा होता है। उत्तर भारत के व्यापारिक केंद्रों और बाजारों में इस सीजन के दौरान लाखों करोड़ रुपये का कारोबार होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे समय में अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाले आयोजन किसके इशारे पर किए जा रहे हैं।
कांग्रेस के राजनीतिक मॉडल को बताया ‘अराजक मॉडल’
विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की सरकारों के कामकाज और आपसी अंतर्कलह पर तंज कसते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में मुख्यमंत्री पद को लेकर जिस तरह की खींचतान देखने को मिली, वह कांग्रेस के भीतर मौजूद अराजक मॉडल को साफ दर्शाती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां भाजपा विकास और जनकल्याण के विजन के साथ आगे बढ़ रही है, वहीं कांग्रेस के पास जनता को देने के लिए सिर्फ आपसी कलह और विरोध की राजनीति बची है।
हिंदू धर्म और सांस्कृतिक मान्यताओं पर दिए बयानों पर घेरा
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लगातार देश की धर्म और संस्कृति को आहत करने वाले बयान देते रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें हिंदू धर्म की ‘शक्ति’ से लड़ने की बात कही गई थी। इसके अलावा उन्होंने विपक्षी नेताओं द्वारा गोवंश और धार्मिक प्रतीकों के मजाक उड़ाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
चुनावी हार के बाद EVM और संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ने की आदत
कांग्रेस के चुनावी परिणामों पर खड़े किए जाने वाले संदेहों का आंकड़ा रखते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि जो पार्टी तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में दशकों से हाशिए पर है, वह अपनी राजनीतिक विफलता का ठीकरा चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम पर फोड़ती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के अनुसार चुनाव आयोग कुछ राज्यों में सही और कुछ राज्यों में गलत कैसे हो सकता है, यह केवल उनकी सुविधा की राजनीति को दर्शाता है।
वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती ताकत और विपक्षी निराशा
अपने संबोधन के अंत में डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बन रहा है। देश के भीतर और बाहर सक्रिय कुछ ताकतें इस विकास यात्रा को बाधित करना चाहती हैं, और कांग्रेस अनजाने या जानबूझकर उन शक्तियों के हाथों का खिलौना बन गई है। उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे ऐसे षड्यंत्रों से सावधान रहें।
राजधानी रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय तथा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही सहित कई नेता उपस्थित रहे।



