बिहार के सबसे चर्चित शिक्षकों में शुमार फैजल खान उर्फ खान सर (Khan Sir) और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच जारी कानूनी जंग अब एक बेहद खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई है। जेल में बंद रौशन आनंद के सगे भाई प्रिंस यादव की रविवार को नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

तेज प्रताप यादव का बड़ा हमला

इस रहस्यमयी मौत के बाद बिहार की सियासत में जबरदस्त उबाल आ गया है। आरजेडी (RJD) नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस मामले में सीधे एंट्री मारते हुए खान सर उर्फ फैजल खान पर हत्या की साजिश रचने का बेहद गंभीर और सीधा आरोप मढ़ दिया है। उन्होंने कहा हमें पूरा यकीन और भरोसा है कि खान सर ने ही हत्या करवाई है ।

नेपाल के होटल में मिली लाश

मिली जानकारी के मुताबिक, ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव का शव रविवार को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे से बरामद किया गया। प्रिंस के साथ होटल में रुके उनके दोस्तों का एक वीडियो सामने आया है। दोस्तों का दावा है कि प्रिंस पिछले कुछ समय से बीमार थे और भारी मात्रा में दवाइयां ले रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि दवाओं की ओवरडोज (ज्यादा खुराक) लेने की वजह से उनकी मौत हुई है।

नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) आने के बाद ही साफ हो सकेगी।

क्या है पूरा विवाद? (Timeline of Khan Sir vs Roshan Anand Case)

इस पूरे विवाद की स्क्रिप्ट महज 13 दिनों के भीतर लिखी गई, जिसने पटना के कोचिंग जगत को हिला कर रख दिया है:

2 जून (कदमकुआं फायरिंग): पटना के कदमकुआं इलाके में दिनदहाड़े फायरिंग हुई। ‘खान ग्लोबल एकेडमी’ की ओर से आरोप लगाया गया कि ज्ञान बिंदु कोचिंग के सुरक्षाकर्मियों और रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव ने उन पर हवाई फायरिंग की है।

3 जून (पहली गिरफ्तारी): पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद और उनके दो बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

ट्विस्ट (CCTV वीडियो लीक): जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसने पूरा केस ही पलट दिया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि फायरिंग विपक्षी ने नहीं, बल्कि खुद खान सर के ही बॉडीगार्ड्स ने की थी।

खान सर पर FIR: केस पलटने के बाद पुलिस ने फैजल खान उर्फ खान सर पर नामजद एफआईआर दर्ज की और उनके दो बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार किया। हालांकि, खान सर को कोर्ट से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bains) मिल गई।

15 जून (आज की स्थिति): इस केस के आरोप में रौशन आनंद को पूरे 12 दिन सलाखों के पीछे बिताने पड़े। उन्हें आज यानी सोमवार (15 जून 2026) को ही कोर्ट से जमानत मिली है, लेकिन जेल से बाहर आते ही उन्हें भाई प्रिंस की मौत की यह खौफनाक खबर मिली।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।