Pollution from coal transportation: कोरबा जिले के दीपका के गौरव पथ मार्ग से कोयला लदे भारी वाहनों की आवाजाही और धूल प्रदूषण के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
इस मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों, राज्य सरकार और SECL को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने साफ कहा है कि सिर्फ औपचारिक जानकारी नहीं, ठोस और व्यावहारिक कदमों का ब्यौरा देना होगा। मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 31 अगस्त 2026 को तय की गई है।
गौरव पथ कॉलोनी बीच से कोयला ट्रक
यह जनहित याचिका छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमा गोपाल की ओर से दायर की गई है। उनके अधिवक्ता चंद्रसेन चौहान ने कोर्ट को बताया कि गौरव पथ कॉलोनी के बीच से लगातार कोयले से लदे भारी वाहनों का आवागमन हो रहा है। इससे क्षेत्र में धूल प्रदूषण बढ़ रहा है और स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों व राहगीरों को परेशानी हो रही है। याचिका में धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और भारी वाहनों से दुर्घटना की आशंका का उल्लेख किया गया है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा ?
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से गौरव पथ क्षेत्र में ओवरब्रिज निर्माण के दौरान धूल नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। न्यायालय ने सभी विभागों को विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने साफ किया है कि SECL को केवल औपचारिक जानकारी के बजाय धूल नियंत्रण के लिए उठाए गए विशिष्ट और व्यावहारिक कदमों का विस्तृत ब्यौरा देना होगा।
3 बड़े बिंदुओं पर जवाब तलब
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट बेंच ने SECL और संबंधित अधिकारियों से तीन मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत जवाब मांगा:
1. ठोस उपायों का हिसाब: SECL को केवल कागजी जानकारी नहीं, धूल नियंत्रण के लिए उठाए गए विशिष्ट और व्यावहारिक कदमों का विस्तृत ब्यौरा देना होगा।
2. स्वास्थ्य सुरक्षा पर जवाबदेही: कोयला ट्रकों से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण की रक्षा के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी देनी होगी।
3. परिवहन मार्ग पर निगरानी: ओवरब्रिज निर्माण क्षेत्र के पास ट्रकों से उड़ने वाले कोयले के कणों को रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीकों पर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
CMD से सीधी रिपोर्ट तलब
पूर्व में 30 जुलाई 2026 के अदालती आदेश के बाद राज्य सरकार ने SECL अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान SECL के वकील ने समय मांगा तो बेंच ने SECL के CMD से सीधी रिपोर्ट तलब कर ली। अब कोर्ट ने सभी विभागों को विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि दीपका परियोजना देश के सबसे बड़े कोयला खदान क्षेत्रों में से एक है। यहां से हजारों कोयला लदे ट्रक रोजाना गुजरते हैं। गौरव पथ एक रिहायशी इलाका है जहां स्कूल, कॉलोनी और बाजार हैं। बिना ढके हुए ट्रक और धूल नियंत्रण के बिना आवाजाही से प्रदूषण और एक्सीडेंट दोनों का खतरा बढ़ गया है।
FAQ: कोल डस्ट से बड़ी परेशानी
सवाल: याचिका किसने दायर की?
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल ने अधिवक्ता चंद्रसेन चौहान के जरिए।
सवाल: हाईकोर्ट ने किसे नोटिस जारी किया?
राज्य सरकार, SECL और संबंधित विभागों को धूल नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर जवाब मांगा है।
सवाल: गौरव पथ पर क्या समस्या है?
कॉलोनी के बीच से खुले कोयला लदे भारी वाहनों की आवाजाही से धूल प्रदूषण और दुर्घटना का खतरा।
सवाल: अगली सुनवाई कब होगी?
31 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण सुनवाई तय की गई है।


