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SC ST Act: आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट से बाहर होना चाहती है यह जाति, आत्मसम्मान के लिए उठाया अनूठा कदम, नहीं करेगी कानून का इस्तेमाल

Devendra Kula Vellalar Community SC List: आज के दौर में जहां अधिकांश जातियां आरक्षण और सरकारी लाभ पाने के लिए खुद को पिछड़ा या अनुसूचित श्रेणी में शामिल कराने की होड़ में रहती हैं, वहीं तमिलनाडु से एक हैरान करने वाला और अनूठा मामला सामने आया है। राज्य का प्रमुख दलित समुदाय ‘देवेंद्रकुला वेल्लालर’ (Devendra […]

तमिलनाडु के देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय और सामाजिक विकास से जुड़ा प्रतीकात्मक दृश्य।
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Devendra Kula Vellalar Community SC List: आज के दौर में जहां अधिकांश जातियां आरक्षण और सरकारी लाभ पाने के लिए खुद को पिछड़ा या अनुसूचित श्रेणी में शामिल कराने की होड़ में रहती हैं, वहीं तमिलनाडु से एक हैरान करने वाला और अनूठा मामला सामने आया है। राज्य का प्रमुख दलित समुदाय ‘देवेंद्रकुला वेल्लालर’ (Devendra Kula Vellalar – DKV) अब अनुसूचित जाति (SC) की सूची से बाहर होना चाहता है।

इस समुदाय का साफ कहना है कि वे न केवल एससी श्रेणी का त्याग करना चाहते हैं, बल्कि उन्होंने स्वेच्छा से यह भी निर्णय लिया है कि वे किसी के खिलाफ एससी-एसटी (SC/ST) कानून का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

कौन हैं देवेंद्रकुला वेल्लालर और क्या है इनकी सामाजिक स्थिति?

देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय तमिलनाडु की कुल अनुसूचित जाति आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा है, जिनकी राज्य की कुल जनसंख्या में हिस्सेदारी लगभग 5% से 9% के बीच है। यह मुख्य रूप से एक कृषक और पशुपालक समुदाय है, जो दक्षिणी तमिलनाडु और कावेरी डेल्टा क्षेत्रों जैसे मदुरै, रामनाथपुरम, तिरुनेलवेली और थूथुकुडी में निवास करता है। मार्च 2021 में संसद द्वारा एक विधेयक पारित कर पल्लार समेत सात उप-जातियों को मिलाकर इन्हें ‘देवेंद्रकुला वेल्लालर’ की एकीकृत पहचान दी गई थी। इनका यह नाम भगवान इंद्र के वंशज (देवेंद्रकुला) और कृषि से जुड़े होने (वेल्लालर) को दर्शाता है।

एससी श्रेणी से बाहर होने की मांग के पीछे का मुख्य उद्देश्य

समुदाय के नेताओं और जानकारों के अनुसार, यह मांग आर्थिक संपन्नता के कारण नहीं बल्कि पूरी तरह से सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान से जुड़ी हुई है। उनका मानना है कि एससी (SC) टैग से जुड़ा सामाजिक कलंक उनके समग्र विकास, विशेष रूप से व्यापार और व्यवसायिक प्रगति में बाधा बनता है। तमिलनाडु में पहले से ही 69% आरक्षण लागू है, और इस समुदाय का तर्क है कि एससी श्रेणी में रहने से उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा, बल्कि इसके विपरीत सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उनकी मांग है कि उन्हें पहले ओबीसी (OBC) और अंततः सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में शामिल किया जाए।

एससी-एसटी एक्ट के इस्तेमाल से तौबा और समुदाय के भीतर मतभेद

हाल ही में आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र की आत्महत्या के बाद एक प्रोफेसर पर दर्ज हुए एससी-एसटी मामले के विरोध में तेनकासी से भाजपा जिलाध्यक्ष और इसी समुदाय के नेता अनंतन अय्यासामी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीके समुदाय ने यह सिद्धांत अपनाया है कि वे किसी के खिलाफ इस कानून का उपयोग नहीं करेंगे, क्योंकि इसके दुरुपयोग से सामाजिक कटुता बढ़ती है। हालांकि, इस मांग को लेकर समुदाय के भीतर भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं। ईसाई धर्म अपनाने वाले समुदाय के लोग इस मांग का विरोध कर रहे हैं और आरक्षण मॉडल का समर्थन करते हैं।

स्वतंत्र भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला अनोखा मामला

भारतीय इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और अनूठा मामला माना जा रहा है, जहां कोई समुदाय आरक्षण के लाभ और कानूनी सुरक्षा का मोह त्यागकर केवल अपनी सामाजिक गरिमा, भाईचारे और आत्मसम्मान के लिए खुद को मुख्यधारा के दायरे से बाहर करने की पुरजोर मांग कर रहा है। यह फैसला वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक नई बहस को जन्म दे रहा है, जहां विकास और अधिकारों के पारंपरिक समीकरणों से परे जाकर आत्मसम्मान को सर्वोपरि रखा जा रहा है।

  • तमिलनाडु का देवेंद्रकुला वेल्लालर (DKV) समुदाय एससी सूची से बाहर होने की मांग कर रहा है।
  • देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय दक्षिणी तमिलनाडु और कावेरी डेल्टा क्षेत्रों जैसे मदुरै, रामनाथपुरम, तिरुनेलवेली और थूथुकुडी में रहता है।
  • समुदाय ने स्वेच्छा से निर्णय लिया है कि वे किसी के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामले दर्ज नहीं कराएंगे, क्योंकि उनका मानना है कि इससे सामाजिक कटुता बढ़ती है।
  • समुदाय की मांग है कि उन्हें पहले ओबीसी (OBC) श्रेणी में और अंततः सामान्य (अनारक्षित) कैटेगरी में शामिल किया जाए।
  • देवेंद्रकुला वेल्लालर की एकीकृत पहचान मार्च 2021 में संसद द्वारा पारित एक विधेयक के माध्यम से पल्लार सहित सात उप-जातियों को यह नाम दिया गया था।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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