Astrology Remedies: 17 अक्टूबर को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे। तुला राशि में शुक्र पहले से मौजूद हैं। ऐसे में यहां सूर्य और शुक्र की युति बनेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस युति का असर वृषभ, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों पर पड़ सकता है।
इन राशियों के लोगों को करियर, आर्थिक मामलों, सेहत और पारिवारिक संबंधों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय उपायों के तौर पर इन राशियों के लिए कुछ मंत्रों और पूजा-पाठ का उल्लेख किया गया है।
वृषभ राशि: काम और सेहत पर रखें ध्यान
वृषभ राशि के जातकों के छठे भाव में सूर्य-शुक्र की युति होगी। ज्योतिष में इस भाव को रोग और शत्रुओं से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। काम पर ध्यान दें और अनावश्यक विवादों से बचें। सेहत के मामले में भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। पाचन तंत्र से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, बड़ी रकम का निवेश करने से पहले सोच-विचार करना बेहतर रहेगा।
उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें।
वृश्चिक राशि: बढ़ सकते हैं खर्च
वृश्चिक राशि के जातकों के हानि भाव में सूर्य और शुक्र की युति होगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान अचानक खर्च बढ़ने की आशंका बताई गई है। ऐसे में बजट का ध्यान रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में भी कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर संयम रखें। यात्रा करते समय कीमती सामान की सुरक्षा करें। कार्यक्षेत्र में होने वाली राजनीति से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
उपाय: ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करें।
मीन राशि: फैसले लेने में जल्दबाजी से बचें
मीन राशि के जातकों के आठवें भाव में सूर्य-शुक्र की युति होगी। ज्योतिष में इस भाव को आकस्मिक घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान तनाव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। जीवनसाथी के साथ मतभेद होने की आशंका के चलते बातचीत में संयम रखें। अगर नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, तो कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेने की बात कही गई है। विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है। ऐसे में योग और ध्यान करना मददगार हो सकता है।
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
इन राशियों के लिए क्या है सलाह?
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, सूर्य-शुक्र की युति के दौरान वृषभ, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को अपने काम, खर्च, सेहत और रिश्तों पर ध्यान देना चाहिए। बताए गए उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।



