रायपुर। CGPSC घोटाले के मुख्य आरोपी टामन सिंह सोनवानी का मेकाहारा अस्पताल में पत्नी से मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद जेल विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उपचार के दौरान बिना हथकड़ी मुलाकात कराना जेल नियमों का सीधा उल्लंघन था।
सोनवानी को कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था। नियमानुसार हथकड़ी लगाकर रखना और किसी से मिलने न देना था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों ने लापरवाही बरती। वायरल वीडियो में आरोपी अपनी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठा नजर आ रहा है।
वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई जांच
अस्पताल में सोनवानी की बिना हथकड़ी के मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YouTube और Instagram पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरियों की भूमिका की पड़ताल की गई। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित निर्देशों के पालन में गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही गई।
जांच में 3 प्रहरी दोषी
मामले की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात तीन जेल प्रहरियों को जिम्मेदार माना गया है। इनमें जिला जेल बलौदाबाजार के प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को 29 सितंबर 2026 से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, दंतेवाड़ा के नागेन्द्र कुमार महतो और रायगढ़ के पवन कुमार लहरे दोषी पाए गए।
बर्खास्तगी का आदेश जारी
केंद्रीय जेल रायपुर अधीक्षक ने संदीप कुमार महेश्वरी को 29 सितंबर से बर्खास्त कर दिया है। दो अन्य पर निलंबन की तैयारी है।
जेल प्रशासन ने इसे जेल नियमावली और ड्यूटी संबंधी निर्देशों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना है। इस कार्रवाई के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
CGPSC घोटाला मामले में टामन सिंह सोनवानी पहले से न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में उपचार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई इस चूक ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या मामला है?
मेकाहारा में इलाज के दौरान CGPSC आरोपी टामन सिंह सोनवानी बिना हथकड़ी पत्नी से मिला, वीडियो वायरल।
Q2. किस पर कार्रवाई हुई?
बलौदाबाजार जेल के प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को 29 सितंबर 2026 से बर्खास्त, दो अन्य प्रहरी नागेन्द्र महतो और पवन लहरे पर एक्शन की तैयारी।
Q3. जांच किसने की?
उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान ने प्रारंभिक जांच की।



