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Big News: CBI के 6 अधिकारियों पर दर्ज होगी आपराधिक शिकायत, छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ IPS अमित कुमार भी शामिल

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ IPS अमित कुमार समेत CBI के 6 अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत में गलत तथ्य पेश करने और झूठे साक्ष्य के आरोप में इन सभी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मधु जैन ने 6 अक्टूबर 2026 को दिए […]

Big News: CBI के 6 अधिकारियों पर दर्ज होगी आपराधिक शिकायत, छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ IPS अमित कुमार भी शामिल
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ IPS अमित कुमार समेत CBI के 6 अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत में गलत तथ्य पेश करने और झूठे साक्ष्य के आरोप में इन सभी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति मधु जैन ने 6 अक्टूबर 2026 को दिए आदेश में कहा कि संबंधित दस्तावेज और विभागीय फाइलें प्रथम दृष्टया कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार हैं। कोर्ट ने 4 सप्ताह के भीतर सक्षम मजिस्ट्रेट के पास शिकायत भेजने को कहा है।

इन 6 अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश

अदालत के आदेश में जिन अधिकारियों के नाम शामिल हैं, वे हैं — छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ IPS अमित कुमार, प्रेम कुमार गौतम, विनीत विनायक (वर्तमान ADG, NCB), रमन त्यागी, सुशील दीवान और मोहम्मद आजाद। इन पर IPC की धारा 191/193 और 209 के तहत शिकायत दर्ज होगी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, CBI ने IRS अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 जनवरी 2016 को CBI की अभियोजन स्वीकृति (Sanction Order) को अमान्य कर दिया था, जिसके बाद 10 मार्च 2016 को विशेष अदालत ने अग्रवाल को डिस्चार्ज कर दिया।

इसके बाद अग्रवाल ने अपने जब्त दस्तावेज वापस मांगने की याचिका लगाई। CBI ने 2 अगस्त 2016 को कोर्ट में जवाब दिया कि कानून मंत्रालय से आगे की कानूनी कार्रवाई पर बातचीत जारी है। जबकि सच्चाई यह थी कि कानून मंत्रालय 8 जून 2016 को ही अपनी राय दे चुका था कि सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर करने का कोई ठोस आधार नहीं है।

नीली स्याही से कटिंग कर फंस गए अधिकारी

अशोक अग्रवाल ने CrPC की धारा 340 के तहत CBI अधिकारियों पर गलत हलफनामा देने का आरोप लगाया। विशेष अदालत (राऊज एवेन्यू कोर्ट) ने 25 अक्टूबर 2025 को आवेदन खारिज कर दिया, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

हाईकोर्ट ने पाया कि 2 अगस्त 2016 को कोर्ट में तथ्यात्मक रूप से गलत जवाब दाखिल किया गया। कानून मंत्रालय की राय को जानबूझकर छिपाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन ज्वाइंट डायरेक्टर विनीत विनायक ने फाइल में रखे इंटरनल ड्राफ्ट लेटर में नीली स्याही से कटिंग की थी, जिसका स्क्रीनशॉट अब कोर्ट रिकॉर्ड का हिस्सा है।

इसी आधार पर हाईकोर्ट ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज के फैसले को रद्द करते हुए 6 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. दिल्ली हाईकोर्ट ने किन अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया?

Ans. IPS अमित कुमार (CG इंटेलिजेंस चीफ), प्रेम कुमार गौतम, विनीत विनायक, रमन त्यागी, सुशील दीवान और मोहम्मद आजाद समेत CBI के 6 अधिकारियों पर।

Q2. पूरा मामला क्या था?

Ans. IRS अधिकारी अशोक अग्रवाल के आय से अधिक संपत्ति केस में CBI ने कोर्ट में गलत जानकारी दी थी। कानून मंत्रालय ने 8 जून 2016 को ही SLP से मना कर दिया था, लेकिन CBI ने 2 अगस्त 2016 को कोर्ट में कहा कि मंत्रालय से बातचीत जारी है।

Q3. हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिया?

Ans. जस्टिस मधु जैन ने 6 अक्टूबर 2026 को राऊज एवेन्यू कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए 4 हफ्ते में मजिस्ट्रेट के पास IPC 191/193/209 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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