Rashan Scam: ग्राम पंचायत सरईपतेरा की शासकीय उचित मूल्य की दुकान में मार्च माह के राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए है। ग्रामीणों के मुताबिक दुकान के ऑनलाइन रिकॉर्ड में मार्च माह के लिए 155 क्विंटल 60 किलो चावल का आवंटन दर्ज है, लेकिन संबंधित हितग्राहियों को अब तक यह राशन नहीं दिया गया है। राशन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने दुकान में ताला जड़ दिया और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जिले के ग्राम पंचायत सरईपतेरा की सरकारी उचित मूल्य दुकान में राशन घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मार्च महीने का 155 क्विंटल 60 किलो चावल ऑनलाइन रिकॉर्ड में तो दिख रहा है, लेकिन हितग्राहियों को बांटा ही नहीं गया। राशन नहीं मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने दुकान में ताला जड़ दिया।

अगले महीने मिलेगा कहकर टालता रहा सेल्समैन

ग्रामीणों के मुताबिक सरईपतेरा राशन दुकान से सरईपतेरा के अलावा आश्रित गांव चमारी और धामिनीडीह के सैकड़ों गरीब परिवारों को राशन दिया जाता है। मार्च महीने का चावल न मिलने पर जब हितग्राही सेल्समैन ईश्वर मानिकपुरी से पूछते तो हर बार “अगले महीने मिलेगा” कहकर टाल दिया जाता था।

गुस्सा बढ़ा तब ग्रामीणों ने जड़ ताला

जब बड़ी संख्या में हितग्राही राशन लेने पहुंचे और मार्च के चावल के बारे में पूछा, तो सेल्समैन गोलमोल जवाब देने लगा। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने दुकान के सामने ही विरोध शुरू कर दिया और दुकान बंद कर दी।

ग्रामीणों ने मांग की है कि फूड इंस्पेक्टर मौके पर आकर स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान करें। आखिर 155 क्विंटल चावल गया कहां? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक अधिकारी जांच कर स्थिति स्पष्ट नहीं करते, तब तक ताला नहीं खुलेगा।