मुंबई/कोच्चि। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL 2027) के अगले सीजन के लिए मिनी ऑक्शन का बिगुल बज चुका है। केरल के कोच्चि में 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस ऑक्शन के लिए कुल 146 महिला क्रिकेटरों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। टूर्नामेंट की सभी पांचों फ्रेंचाइजी अपनी-अपनी टीमों को मजबूत करने के मकसद से खाली पड़े 27 स्लॉट्स (20 भारतीय और 7 विदेशी) को भरने के लिए दांव लगाएंगी।
इस बार ऑक्शन पूल में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज जी कमलिनी, स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलीनेक्स और श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नाम शामिल हैं।
146 खिलाड़ियों में 36 कैप्ड और 110 अनकैप्ड चेहरे शामिल
ऑक्शन की अंतिम लिस्ट में जगह बनाने वाली 146 खिलाड़ियों में 22 कैप्ड भारतीय,14 कैप्ड विदेशी, 97 अनकैप्ड भारतीय और 13 अनकैप्ड विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं।
इस मिनी ऑक्शन में खिलाड़ियों के लिए सबसे अधिकतम बेस प्राइस 50 लाख रुपए तय की गई है। इसके बाद बाकी कैटेगरी 40 लाख, 30 लाख, 20 लाख और 10 लाख रुपए के ब्रैकेट में विभाजित की गई हैं।
50 लाख के सबसे महंगे स्लैब में सिर्फ दो विदेशी स्टार्स
ऑक्शन के सबसे टॉप बेस प्राइस यानी 50 लाख रुपए के ब्रैकेट में इस बार केवल दो विदेशी खिलाड़ियों को ही जगह मिली है। इनमें ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान सोफी मोलीनेक्स जिन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रिलीज किया है। वहीं दूसरी स्टार्स खिलाड़ी इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाज सोफिया डंकले शामिल है जो 2024 में गुजरात जायंट्स के लिए खेल चुकी हैं।
40 लाख की श्रेणी: भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में टक्कर
40 लाख रुपए के ब्रैकेट में कई प्रमुख नाम आमने-सामने होंगे:-
1.जी कमलिनी (भारत):-मुंबई इंडियंस द्वारा रिलीज की गईं प्रतिभावान विकेटकीपर-बल्लेबाज।
2.किरण नवगिरे (भारत):- अपनी ताबड़तोड़ पावर-हिटिंग के लिए मशहूर भारतीय बैटर।
3.जेस जोनासेन और हीथर ग्राहम (ऑस्ट्रेलिया):-ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी ऑलराउंडर जोड़ी।
30 लाख सेगमेंट: स्नेह राणा और चमारी अटापट्टू पर रहेंगी नजरें
30 लाख की कैटेगरी में दो अनुभवी मैच-विनर्स खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
स्नेह राणा (भारत):- दिल्ली कैपिटल्स से रिलीज हुईं अनुभवी ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर।
चमारी अटापट्टू (श्रीलंका):-श्रीलंकाई टीम की दिग्गज कप्तान और विस्फोटक ऑलराउंडर।
इसके अलावा, 20 लाख और 10 लाख के बेस प्राइस वाले स्लैब में भारतीय घरेलू क्रिकेट और अनकैप्ड युवाओं की बड़ी कतार होगी, जहां फ्रेंचाइजियां अपनी बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने के लिए बोली लगाएंगी।



