टीआरपी। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा वनमण्डल के अंतर्गत आने वाला कोटमीसोनार आज वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास की एक मिसाल बन चुका है। कभी गुमनाम रहा यह गांव अब 250 मगरमच्छों के सुरक्षित बसेरे और एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है। मगरमच्छों के संरक्षण ने कोटमीसोनार को एक छोटे […]

