करतारपुर कॉरिडोर के पीछे आईएसआई का आतंकी प्लान

टीआरपी न्यूज/नई दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में करतारपुर गुरुद्वारे के पास ही

आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाए जाने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद पास्तिान सरकार के इरादों को शक बढ़ता जा रहा है।

बता दें कि 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होना है।

 

12 नवंबर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती है।

ऐसे में भारत के सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के लगभग

एक सप्ताह पहले ही यह खुफिया अलर्ट प्राप्त हुआ है।

 

बता दें कि यह कॉरिडोर भारतीय के पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक साहिब

को पाकिस्तान के पंजाब के नरोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ेगा।

बीएसएफ के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके, शकरगढ़ और नारोवाल में स्थित हैं।

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यहां पर पुरुष और महिलाएं प्रशिक्षण ले रहे हैं।

इसका खुलासा हाल ही में पंजाब में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के दौरान हुआ।

इस दौरान देश की सभी शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त बैठक हुई थी।

 

एजेंसियों ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती, करतारपुर कॉरिडोर का खुलना है, क्योंकि पाकिस्तान के कुछ

अराजक तत्वों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है।

विशेष रूप से उनके तीर्थयात्रियों के संपर्क में आने की संभावना है।

 

पंजाब के मुख्यमंत्री ने पहले ही जताई थी आशंका

बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि

करतारपुर कॉरिडोर खोलना पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई का एजेंड़ा हो सकता है।

उन्होंने कहा था कि यह सिख भाईचारे को प्रभावित करने की चाल हो सकती है।

ऐसे में भारत को सतर्क रहने की जरुरत है।

 

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