नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान महा के कमजोर पड़ने के साथ ही दूसरा चक्रवाती तूफान बुलबुल के बंगाल की खाड़ी में तेज होने के पूरे आसार हैं।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान बुलबुल और खतरनाक रूप ले सकता है।

6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा

बुलबुल तूफान उत्तर की ओर 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।

बुलबुल पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की ओर आगे बढ़ रहा है।

अगले 24 घंटों में अंडमान में तेज बारिश की दस्तक हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती तूफान बुलबुल बन रहा है।

यह इस साल का 7वां चक्रवाती तूफान है। यह तूफान अभी और तेज होगा।

10 नवंबर तक अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान बन जाएगा।

 

बता दें कि चक्रवाती तूफान महा गुजरात में टकराने से पहले ही कमजोर पड़ गया है।

महा चक्रवाती तूफान के गुरुवार सुबह गुजरात के पोरबंदर तट पर टकराने का अनुमान लगाया गया था।

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मगर बुधवार को अरब सागर में बने विक्षोभ के कारण महा चक्रवात कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

इसके बावजूद मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र के कई जिलों में तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अनुमान लगाया है।

 

ओडिशा में बुलबुल चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने ओडिशा में बुलबुल चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इस चक्रवात के 9 नवंबर को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से टकराने की संभावना जताई जा रही है।

ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर प्रदीप कुमार जेना ने कहा है कि बुलबुल तूफान ओडिशा से नहीं टकराएगा।

हालांकि, उत्तरी उड़ीसा में 9 नवंबर के बाद हल्की और मध्यम बारिश होने की संभावना है।

बुलबुल चक्रवाती तूफान ओडिशा को छूते हुए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की तरफ चला जाएगा।

 

तूफान ‘महा’ कमजोर, गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, बुधवार को अरब सागर में विक्षोभ बनने के कारण महा चक्रवात कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

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बुधवार रात तक महा चक्रवात गुजरात के पोरबंदर तट से करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर था।

मौसम विभाग ने गुजरात और महाराष्ट्र के कई तटीय जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

इन इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है।

 

महा चक्रवात पोरबंदर से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम,

वेरावल से 250 किलोमीटर पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम और दीव से 290 किलोमीटर पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम की ओर है।

सुबह तक विक्षोभ के कारण यह और कमजोर होगा।

 

तटीय इलाकों में मछुआरों से शुक्रवार तक अरब सागर में नहीं उतरने की अपील की गई है।

इससे पहले महा चक्रवात के अलर्ट को देखते हुए गुजरात के विभिन्न जिलों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई है।

खुद प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बैठक कर तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया था।

 

महा चक्रवात को देखते हुए महाराष्ट्र के पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदूर्ग, नासिक, पुणे, कोल्हापुर, सातारा, सांगली जिलों को येलो वॉच में रखा गया है।

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इन इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।

महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई जा रही है।

बंगाल की खाड़ी में बुलबुल की आहट

दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बुलबुल चक्रवात उठता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा में बुलबुल चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस चक्रवात के 9 नवंबर को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से टकराने की संभावना जताई जा रही है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।