रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पूछताछ के लिए 6 दिन की ईडी रिमांड मंजूर की है।
धमतरी और बलरामपुर में हुई थी छापेमारी
ईडी ने इससे पहले 1 सितंबर को चेतन बोरघरिया से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की थी। धमतरी में अमलतास पुरम स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने तलाशी ली थी। वहीं, बलरामपुर में उन्हें सर्किट हाउस बुलाकर पूछताछ की गई थी।
कार्रवाई के बाद से बोरघरिया के कार्यालय नहीं आने की बात सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को उन्हें ईडी के जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं चेतन बोरघरिया
चेतन बोरघरिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2022 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD के पद पर तैनात थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद ईडी की जांच में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से CGPSC भर्ती मामले में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
CGPSC के पूर्व चेयरमैन को भी गिरफ्तार कर चुकी है ED
CGPSC भर्ती मामले में ईडी इससे पहले आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा भूपेश बघेल के तत्कालीन निजी सहायक के भतीजे उत्कर्ष चंद्राकर समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच एजेंसी कार्रवाई कर चुकी है। चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी को इसी जांच की कड़ी में एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
क्या है CGPSC भर्ती घोटाला मामला?
CGPSC की राज्य सेवा परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा परिणामों में हेरफेर के आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है इस मामले में किसी तरह की अवैध रकम अर्जित हुई या नहीं और यदि हुई तो उसका लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ।



