टीआरपी न्यूज: कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते सरकार ने पैरासिटामोल सहित दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले 26 फॉर्मूलेशन और एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर रोक लगा दी है। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने मंगलवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया। यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।


इन 26 एपीआई, फॉर्मूलेशन के निर्यात पर रोक

पैरासिटामॉल
टिनिडेजॉल
मेट्रोनाइडेजॉल
एसायक्लोविर
विटामिन बी1
विटामिन बी6
विटामिन बी12
प्रोजेस्टेरॉन
क्लोरेमफेनिकॉल
इरिथ्रोमाइसिन सॉल्ट
निओमाइसिन
क्लिंडामाइसिन सॉल्ट
ऑर्निडेजॉल
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ क्लोरेमफेनिकॉल
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ इरिथ्रोमाइसिन सॉल्ट
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ क्लिंडामाइसिन सॉल्ट
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ प्रोजेस्टेरॉन
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ विटामिन बी1
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ विटामिन बी12
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ विटामिन बी6
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ निओमाइसिन
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ ऑर्निडेजॉल
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ मेट्रोनाइडेजॉल
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ टिनिडेजॉल
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ एसायक्लोविर
फॉर्मूलेशन मेड ऑफ पैरासिटामॉल

पैरासिटामॉल महंगी

दवाओं से जुड़े ज्यादातर रसायन चीन से आते हैं और आवाजाही बंद होने से आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। बुखार और सिरदर्द में इस्तेमाल होने वाली पैरासिटामाल समेत कई जेनेरिक दवाइयों के दाम इसके असर से 20 से 45 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

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नेबुलाइजर, सर्जिकल उपकरण महंगे

सर्जिकल उपकरणों के दाम बढ़ गए हैं। 500 एमएल वाला सेनिटाइजर 230 रुपए से 350 रुपया पहुंच गया है। बीपी मशीन 959 से 1100 रुपए और नेबुलाइजर 1080 से 1208 रुपए हो गया है। विटामिन सी की कमी हो गई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।