खुशखबरी: देशी Covaxin 77.8 फीसदी असरदार, भारत बायोटेक के टेस्‍ट के डेटा को एक्‍सपर्ट पैनल की मंजूरी

नई दिल्‍ली। भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ तीसरे चरण के ट्रायल में 77.8 फीसदी असरदार पाई गई है। इसके पहले वैक्‍सीन बनाने वाली इस फर्म ने ट्रायल के डेटा भारतीय दवा नियामक की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) को जमा किए।

विशेषज्ञों की समिति ने भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण के आंकड़ों की समीक्षा की और उसे स्वीकार कर लिया है। बता दें कि भारत बायोटेक हैदराबाद की कंपनी है। रिपोर्टों के अनुसार, एक्सपर्ट पैनल ने ट्रायल के डेटा को अप्रूव कर दिया है। इस ट्रायल में 25,800 लोगों को शामिल किया गया था।

भारत में अभी 3 वैक्‍सीनों का इस्तेमाल हो रहा है। भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ भी इनमें से एक है। यह देश में बनी वैक्सीन है। कोविशील्ड को AstraZeneca ने बनाया है। स्‍थानीय स्‍तर पर इसकी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रहा है।

कंपनी ने सप्ताहांत में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को कोवैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण के आंकड़े सौंपे थे। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने आंकड़ों की समीक्षा की और इसे स्वीकार कर लिया। सूत्रों ने बताया कि उनकी सिफारिशें अब डीसीजीआई को भेजी गई हैं।

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भारत बायोटेक के 23 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ एक बैठक में भाग लेने की भी उम्मीद है। उसके बाद टीका कंपनी डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) के करीब पहुंच सकेगी। डब्ल्यूएचओ के अनुसार टीका निर्माता के पास अपने टीके की समग्र गुणवत्ता का सार पेश करने का एक अवसर होगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।