छत्तीसगढ़ में कोरोना से बचाव के लिए अब तक 1.09 करोड़ टीके लगाए गए, 19.36 लाख लोगों ने लगवाए दोनों डोज
छत्तीसगढ़ में कोरोना से बचाव के लिए अब तक 1.09 करोड़ टीके लगाए गए, 19.36 लाख लोगों ने लगवाए दोनों डोज

टीआरपी न्यूज डेस्क। कोरोना वायरस जैसी महामारी से निपटने के लिए जल्द ही विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने वाला है। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें वैक्सीन का पहला डोज दे दिया गया है और वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से कुछ लोग सोच रहे हैं कि वह वैक्सीनेशन के दूसरे डोज को छोड़ सकते हैं। जबकि विशेषज्ञ इसे गलत मानते हैं। आइए जानते हैं क्या कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को दूसरी डोज छोड़ देनी चाहिए या नहीं।

एक्सपर्ट की राय

SGPGI के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. उज्जला घोषाल का कहना है कि अगर आप या आपका कोई जानकार ऐसा है जिसे कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग गई है। तो आपको दूसरी डोज भी जरूर लेनी चाहिए। हालांकि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को दूसरी डोज तब तक नहीं दी जा सकती जब तक वह इस वायरस से पूरी तरह ठीक ना हो गया हो। ऐसे में पहले मरीज को पूरी तरह ठीक होना चाहिए और फिर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेनी चाहिए।

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वैक्सीनेशन पूरा करना क्यों जरूरी

एक्सपर्ट का कहना है कि भले ही कोरोना से ठीक होने वाले व्यक्ति के शरीर में कुछ एंटीबॉडी बन गई हों। लेकिन, फिर भी उन्हे वैक्सीन का दूसरा डोज जरूर लेना चाहिए। एक्सपर्ट कहते हैं कि केवल वैक्सीन के जरिए ही शरीर पूरी एंटीबॉडी हासिल कर पाता है, जो लंबे समय तक फिर से इस वायरस से संक्रमित होने से आपको बचा सकती है।

एक ही वैक्सीन के दोनों डोज लें

इसके अलावा एक्सपर्ट लोगों को एक और राय देती दिखाई दे रही हैं। इसमें उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन कराने वाले लोग इस बात का खास ध्यान रखें कि उन्होंने जो डोज पहले ली थी, दूसरी भी उसी कंपनी की लें। बता दें कि भारत में दो तरह की वैक्सीनेशन किया जा रहा है।

एक है भारत बायोटेक की को वैक्सीन और दूसरी है कोवी शील्ड जो सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार की जा रही है। ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि या तो आप दोनों डोज कोविशील्ड की लें या फिर दोनों डोज को वैक्सीन की। दोनों वैक्सीन का एक एक डोज लेना आपके लिए खतरनाक हो सकता है।

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ठीक होने के बाद कितने दिन बाद लें दूसरी डोज

कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के बीच कुछ सप्ताह का गैप रखा गया है। जो कि 8 से 12 सप्ताह हैं। लेकिन अगर आप इस बीच कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं तो घबराने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। भारत सरकार के तय प्रोटोकॉल के अनुसार आप ठीक होने के 4-8 हफ्ते बद दूसरी डोज भी ले सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार अगर आप ठीक होने के 4-8 हफ्ते पहले ही वैक्सीन लेते हैं तो शरीर में वैक्सीन के कुछ नेगेटिव इफेक्ट्स देखने मिल सकते हैं।

कोरोना के उपचार में डाक्टर की सलाह जरूरी है, लेख से टीआरपी सरोकार नही रखता।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।