Hormuz Strait: नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद सोमवार हो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। सरकारी स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ सोमवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलमार्ग पार कर गया। यह पिछले दो महीनों में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाला पहला भारतीय वाणिज्यिक जहाज है।

माल्टा ध्वज वाला यह जहाज भारत के सबसे बड़े एलएनजी आयातक पेट्रोनेट एलएनजी के लिए कतर से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) लेकर आ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण यह पोत पिछले तीन महीनों से अधिक समय से फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंसा हुआ था।

Hormuz Strait: 62 हजार मीट्रिक टन एलएनजी लेकर भारत की ओर रवाना

जहाजरानी मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा के अनुसार, एलएनजी वाहक पोत दिशा सुरक्षित रूप से होर्मुज जलमार्ग पार कर चुका है और फिलहाल भारत की ओर बढ़ रहा है। जहाज में करीब 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लदा हुआ है। पोत के 18 जून को गुजरात के दाहेज बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जहां एलएनजी की अनलोडिंग की जाएगी।

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Hormuz Strait: फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की संख्या बढ़ी

दिशा के जलमार्ग पार करने के साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में स्थित फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। मार्च की शुरुआत से अब तक कुल 10 भारतीय जहाज इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं, जिनमें से नौ भारतीय ध्वज वाले पोत हैं।

Hormuz Strait: जलमार्ग सुरक्षित होते ही वापसी की तैयारी

सरकार ने संकेत दिए हैं कि जैसे ही होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा, फारस की खाड़ी में फंसे अन्य भारतीय जहाजों को भी वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। इसके लिए संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Hormuz Strait: 18 अप्रैल की घटना के बाद थम गया था आवागमन

बता दें कि 18 अप्रैल को क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद भारतीय और भारत की ओर आने वाले कई जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। उस दौरान जलमार्ग पार करने का प्रयास कर रहे कुछ भारतीय जहाजों पर ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी किए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसके बाद जहाजों की आवाजाही पर व्यापक असर पड़ा।

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