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Mysterious Disease : गांव में फैली रहस्यमय बीमारी, 20 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने गांव में किया आपातकाल घोषित…

Mysterious Disease : गांव में फैली रहस्यमय बीमारी, 20 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने गांव में किया आपातकाल घोषित…
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

टीआरपी डेस्क। Mysterious Disease : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुंटूर जिले के तुराकापालेम गांव में स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा कर दी है, जहां पिछले 2 महीनों में 20 लोगों की ‘रहस्यमय बीमारी’ से मौत हो गई है। सरकार ने यहां जांच के लिए उच्च-स्तरीय चिकित्सा दल को भेजा हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. रघुनंदन के नेतृत्व में एक टीम ने गहन जांच के लिए तुराकापालेम गांव का दौरा किया है।

जांच अधिकारियों को मेलियोइडोसिस नामक एक जीवाणु संक्रमण का संदेह है। यह संदेह प्रारंभिक प्रयोगशाला रिपोर्टों पर आधारित है, ग्रामीणों में इस संक्रमण के 2 मामलों की पुष्टि हुई है।

गंभीर जीवाणु संक्रमण है मेलियोइडोसिस

मेलियोइडोसिस एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है जो बर्कहोल्डेरिया स्यूडोमैली नामक जीवाणु के कारण होता है, जो आमतौर पर मिट्टी और रुके हुए पानी में पाया जाता है, खासकर मानसून और बाढ़ के मौसम में। हालांकि इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के लंबे कोर्स से संभव है, लेकिन समय पर उपचार बेहद जरूरी है अन्यथा पीड़ित की मौत भी हो सकती है।

2,500 ग्रामीणों के स्वास्थ्य जांच का आदेश

Mysterious Disease : मुख्यमंत्री ने गांव के सभी 2,500 निवासियों की व्यापक स्वास्थ्य जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें गुर्दे की कार्यप्रणाली, रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर की जांच शामिल है, क्योंकि मेलियोइडोसिस मधुमेह जैसी पहले से मौजूद बीमारियों वाले व्यक्तियों को तेजी से प्रभावित करता है।

प्रशासन कर रहा ग्रामीणों के भोजन की व्यवस्था

आवश्यक वस्तुओं का प्रावधान जिला प्रशासन ने गांव के बाहर से भोजन और पानी की व्यवस्था की है, जो निवासियों को प्रतिदिन तीन समय का भोजन प्रदान कर रहा है। रोज लगभग 3,500 लोगों को भोजन परोसा जा रहा है। मौतों की जांच के लिए एक तथ्यान्वेषी टीम तुरकापालेम गई और जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है।

स्वच्छता का प्रयास जारी

जिला प्रशासन ने गाँव में व्यापक स्वच्छता उपाय शुरू किए हैं, जिनकी आबकारी और पशुपालन सहित विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा जांच की जा रही है। ग्रामीणों को खाद्य पदार्थों के सेवन के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

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