पहचान पत्र के बिना खानाबदोश, साधुओं व कैदियों को लगेगा टीका
पहचान पत्र के बिना खानाबदोश, साधुओं व कैदियों को लगेगा टीका

नई दिल्ली। केंद्र ने फोटो पहचान पत्र के बिना टीकाकरण के लिए लोगों के कई समूहों की पहचान की है। लोगों के ऐसे समूहों में खानाबदोश (विभिन्न धर्मों के साधु/संत सहित), जेल के कैदी, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में बंद कैदी, वृद्धाश्रम के लोग, भिखारी, पुनर्वास केंद्रों में रहने वाले लोग शामिल हैं।

दरअसल, कोरोना के खिलाफ किए जा रहे हर एक वैक्सीनेशन का डाटा एक सॉफ्टवेयर पर पंजीकृत किया जाना है। इसके लिए वैक्सीन लगवाने वाले के पास एक वैध पहचान पत्र होना जरूरी माना गया है। ऐसे में जिन लोगों के पास कोई भी फोटो पहचान पत्र नहीं होगा, उन्हें वैक्सीन लेने में समस्या हो सकती है और ऐसे समूह से संक्रमण के मामलों के बढ़ने का खतरा भी बना रहेगा।

फोटो पहचान पत्र के बिना किन लोगों को लगेगा टीका

केंद्र ने फोटो पहचान पत्र के बिना टीकाकरण के लिए लोगों के कई समूहों की पहचान की है। लोगों के ऐसे समूहों में खानाबदोश (विभिन्न धर्मों के साधु/संत सहित), जेल के कैदी, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में बंद कैदी, वृद्धाश्रम के लोग, भिखारी, पुनर्वास केंद्रों में रहने वाले लोग शामिल हैं। उन लोगों को भी टीका दिया जाएगा, जिनके पास निर्धारित फोटो पहचान पत्र नहीं है।

केंद्र ने कहा है कि अब वैध पहचान पत्र वाले एक प्रमुख सूत्रधार की पहचान की जाएगी जो इन समूहों के वैक्सीनेशन के लिए सेंटर प्वाइंट होगा। केंद्र ने यह भी कहा है कि जेल अधिकारियों और वृद्धाश्रम के अधिकारी प्रमुख सूत्रधार के रूप में काम कर सकते हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।