ओमिक्रान: देश को मिली तीसरी मेड इन इंडिया वैक्सीन- COVID की इस पिल को भी हरी झंडी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए सरकार कड़े से कड़े कदम उठा रही हैं। बता दें कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने COVID19 टीकों कोवोवैक्स और कॉर्बेवैक्स और एंटी-वायरल दवा मोलनुपिरवीर को इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इस बात की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मोलनुपिरवीर एक एंटीवायरल दवा है जो देश में 13 कंपनियों द्वारा COVID-19 के वयस्क रोगियों के इलाज के लिए आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए निर्मित की जाएगी।

CORBEVAX वैक्सीन भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है, इसे हैदराबाद स्थित फर्म बायोलॉजिकल-ई द्वारा बनाया गया है।

बता दें कि यह भारत में विकसित हुआ तीसरा टीका है। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी है कि नैनोपार्टिकल वैक्सीन, कोवोवैक्स, का निर्माण पुणे स्थित फर्म सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।