टीआरपी न्यूज बिलासपुर। राज्य शासन द्वारा महापौर के अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली को लेकर दायर की गई याचिका को बुधवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मजीत सिंह सहित अन्य लोगों ने अपने वकीलों के जरिए अलग अलग याचिका दायर की थी।

इसमें अप्रत्यक्ष चुनाव को लेकर चुनौती दी गई थी और कहा गया था कि मेयर के कार्यकाल पर असर पड़ेगा।

बुधवार को इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में हुई चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन की अगुवाई वाली डिजाइन भेजने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। नगरीय निकाय चुनाव में संवैधानिक रूप से महापौर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के चुनाव को मान्यता दी जाती है।

वर्ष 1992 तक राज्य के नगर निगमों में अप्रत्यक्ष रूप से ही महापौर का चुनाव होता था।

चुनावी प्रक्रिया में इस संशोधन को लेकर राज्य सरकार का यह तर्क था कि इससे नगरीय निकायों को और ज्यादा मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

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बता दें कि राज्य में नगरीय निकाय चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी देते हुए महापौर के प्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया में

बदलाव किया था और अप्रत्यक्ष निर्वाचन की नई व्यवस्था लागू की गई थी। इस बार इसी आधार पर चुनाव हुए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।