7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी, सितंबर में होगा डीए/डीआर का भुगतान

नई दिल्ली। निजी संस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी अक्सर महीने के पहले हफ्ते के आखिरी तारीख में आती है। लेकिन, कभी-कभी बैंक होलिडे होने की वजह से उस दिन सैलरी क्रेडिट नहीं हो पाती है। ऐसे में जब सैलरी लेट होती है तो फिर किसी की ईएमआई भी लेट हो जाती है, यदि उसने ऑटोमेटिक पेमेंट ऑप्शन अपनाया है और उन्हें अतिरिक्त चार्ज देने पड़ता है।

बता दें कि यह सब सुविधा सिर्फ बैंक के वर्किंग डे में ही लोगों को मिलती है। यानी बैंक होलिडे के दिन यह सभी सुविधाएं स्थगित रहती हैं। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस तरह की परेशानियों को बहुत जल्द दूर करने जा रही है। यानी कि rbi ने ऑटोमेटिक पेमेंट सुविधा में बड़ा बदलाव किया है। शुक्रवार को RBI ने National Automated Clearing House (NACH) की सुविधा में एक अहम बदलाव किया है। इस बदलाव का फायदा अगस्त से मिलना शुरू होगा।

क्या है NACH

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर NACH क्या है और यह कैसे काम करता है? दरअसल, NACH एक साथ भारी संख्या में पेमेंट करने का सिस्टम है। इस सिस्टम को National Payment Corporation Of India (NPCI) संभालती है। जब एक साथ भारी संख्या में लोगों को पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं, तो उस सिस्टम को ही NACH कहा जाता है।

NACH के जरिए सरकारी विभाग व कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के बैंक खातों में सैलरी, पेंशन, लाभांश या फिर किसी भी तरह के सरकारी सब्सिडी आदि का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा, NACH के जरिए ही ईएमआई, इंश्योरेंस प्रीमियम, म्यूचुअल फंड की किस्त, बिजली, पानी, फोन और गैस के बिल ऑटोमेटिक तरीके से डेबिटे होते हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।