सिंगल डोज वाली रूसी वैक्सीन स्पूतनिक लाइट को मिली भारत में फेज-3 ट्रायल की अनुमति

नई दिल्ली। भारत में जारी टीकाकरण के बीच रूसी वैक्सीन स्पूतनिक लाइट (Sputnik Light) को भारत में तीसरे चरण के ब्रिजिंग ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारतीय आबादी पर टीके के परीक्षण को हरी झंडी दे दी है।

बता दें कि इससे पहले जुलाई में सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ऑफ द सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने स्पूतनिक लाइट को इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन देने से इनकार कर दिया था। CDSCO ने रूसी वैक्सीन के स्थानीय ट्रायल को जरूरी बताया था।

कमेटी ने पाया था कि स्पूनतिक लाइट स्पूतनिक V के कंपोनेंट-1 डेटा के ही समान थी, साथ ही भारतीय आबादी में इसका सेफ्टी और इम्युनोजेनिसिटी डेटा पहले ही ट्रायल में प्राप्त किया जा चुका था। डॉक्टर रेड्डीज लेबोरेटरी ने बीते साल रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के साथ भारत में स्पूनतिक V के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए करार किया था।

हाल ही में लैंसेट में प्रकाशित एक स्टडी बताती है कि कोविड-19 के खिलाफ स्पूतनिक लाइट ने 78.6-83.7 फीसदी की प्रभावकारिता दिखाई है। यह दो डोज वाली कई वैक्सीन उम्मीदवारों की तुलना में ज्यादा है। यह स्टडी अर्जेंटीना में कम से कम 40 हजार बुजुर्गों पर की गई थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।