टीआरपी डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए गुरुवार को केंद्र सरकार से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अधिकारियों की एक बैठक बुलाने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच अंतर-राज्य परिवहन की अनुमति देने के संबंध में आम सहमति बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए।

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश गुरुग्राम निवासी रोहित भल्ला नामक एक याचिकाकर्ता द्वारा उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकारों द्वारा दिल्ली के साथ सटी सीमाओं को सील करने को चुनौती देने के बाद आया। भल्ला ने इस कदम को असंवैधानिक बताया था क्योंकि इसने अनुच्छेद 19 के तहत यात्रा करने के अधिकार को प्रभावित किया। उन्होंने ध्यान दिलाया था कि बीमार लोगों को मिलने के लिए दिल्ली जाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए यह बहुत भ्रम और कठिनाइयों का कारण है।

See also  स्पाइस जेट के 4 स्टाफ की बुरी तरह पिटाई, एयरपोर्ट पर सेना के अधिकारी ने की मार-पीट, रीढ़ की हड्डी टूटी…

इसके एक दिन बाद गुरुग्राम पुलिस ने बुधवार को राजधानी दिल्ली के 11 बॉर्डर क्रॉसिंग प्वॉइंट पर लगे बैरिकेड हटा दिए और कहा कि यात्री अब बिना किसी प्रतिबंध के दोनों शहरों के बीच यात्रा कर सकते हैं। गुरुग्राम पुलिस ने बुधवार को सुबह 9.30 बजे तक मूवमेंट पास किए थे, जिसके बाद पुलिस को बैरिकेड हटाने के आदेश मिलने से पहले लगभग 20 मिनट तक बॉर्डरों पर भीड़ जुटी रही, जिनके पास मूवमेंट पास नहीं थे उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने से रोक दिया गया।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।