टीआरपी डेस्क। दिग्गज फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर बासु चटर्जी का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने मुंबई में अपनी अंतिम सांस ली। बढ़ती उम्र के साथ होने वाली दिक्कतों के चलते उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने छोटी सी बात, रजनीगंधा, बातों बातों में, एक रुका हुआ फैसला और चमेली की शादी जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था।

उनकी उम्र 93 साल थी। Indian Film & TV Directors’ Association के अध्यक्ष अशोक पंडित ने ट्वीट करके उनके निधन की दुखद खबर साझा की है। अशोक पंडित ने लिखा, “मुझे आप सबको ये बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि दिग्गज फिल्ममेकर बासु चटर्जी अब नहीं रहे. उनका अंतिम संस्कार सांताक्रूज में दोपहर 2 बजे किया जाएगा. उनका जाना इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा धक्का है. आप बहुत याद आएंगे सर.”

फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी ट्वीट कर बासु चटर्जी के निधन पर दुःख प्रकट कर श्रद्धांजलि अर्पित की.

See also  15 जनवरी से लागू होगी 'वन नेशन वन राशन कार्ड' स्कीम, छत्तीसगढ़ शामिल नहीं
https://twitter.com/imbhandarkar/status/1268426759466135555?s=20

बासु का जन्म राजस्थान के अजमेर में हुआ था और उन्होंने भारतीय सिनेमा में सराहनीय काम किया था। मुंबई के एक अखबार में कार्टूनिस्ट और इलस्ट्रेटर का काम करने वाले बासु के बारे में किसने सोचा था कि वो भारतीय सिनेमा को अगली सीढ़ी पर कदम रखने में मदद करने वाले दिग्गज फिल्ममेकर साबित होंगे।

राज कपूर और वहीदा रहमान की फिल्म तीसरी कसम में उन्होंने बासु भट्टाचार्य को असिस्ट किया था। ये फिल्म साल 1966 में रिलीज हुई थी और इसमें बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड जीता था। जहां तक उनके डायरेक्टोरियल डेब्यू की बात है तो उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में फिल्म सारा आकाश से शुरुआत की थी। ये फिल्म साल 1969 में रिलीज हुई थी और इसके लिए बेस्ट स्क्रीनप्ले का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था।

इन फिल्मों में किया था निर्देशन

उनकी फिल्मों की फेहरिस्त की बात करें तो ये बहुत लंबी है. उन्होंने पिया का घर, उस पार, चितचोर, स्वामी, खट्टा मीठा, प्रियतमा, चक्रव्यूह, जीना यहां, बातों बातों में, अपने प्यारे, शौकीन और सफेद झूठ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था।

See also  बीरभूम हिंसा की जांच CBI के हांथो में, 7 अप्रैल तक सौपेंगी हाईकोर्ट को रिपोर्ट

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।