राहत भरी खबर- राज्य में कोरोना संक्रमण की दर घटकर हुई 15 प्रतिशत
राहत भरी खबर- राज्य में कोरोना संक्रमण की दर घटकर हुई 15 प्रतिशत

नई दिल्ली। कोरोना को महामारी घोषित करने के लगभग एक साल बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आखिर मान लिया है कि कोरोना का वायरस हवा से भी फैल सकता है।

WHO के अनुसार “वायरस खराब वेंटिलेशन या भीड़ वाली बंद जगहों में भी फैल सकता है, जहां लोग लंबे समय तक रहते हैं, क्योंकि एयरोसोल हवा में एक मीटर से भी ज्यादा दूर तक जा सकते हैं।” दरअसल, WHO ने कोरोना से जुड़े सवालों के जवाब अपडेट किए हैं। इनमें इस सवाल का जवाब भी शामिल है कि लोगों के बीच कोरोना कैसे फैलता है?

माना जा रहा है कि इसके बाद कोरोना से बचने की नई गाइडलाइंस सामने आ सकती हैं। संगठन अब तक कहता आया था कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि कोरोना हवा से भी फैलता है।

द लैंसेट में वैज्ञानिकों ने पेश किए थे 10 सबूत

1-मानव व्यवहार, बातचीत के तरीके, कमरों का आकार, वेंटिलेशन और दूसरी बातों के विश्लेषण से पता चलता है कि केवल ड्रॉपलेट्स और फोमिटीज यानी कपड़े, बर्तन, फर्नीचर आदि पर मौजूद वायरस से कोरोना इतनी तेजी से नहीं फैल सकता।

See also  प्रमोशन में आरक्षण का मामला : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने दिया धरना

2-क्वारैंटाइन होटलों में इस बात के काफी रिकॉर्ड मिले कि बिना एक दूसरे से मिले या संपर्क में आए ही आस-पास के कमरों में ठहरे लोगों में एक दूसरे से संक्रमण फैला।

3-कोरोना के 33% से 59% मामले बिना लक्षण वाले संक्रमितों से फैलते हैं, जबकि वे छींकते और खांसते नहीं। यह इस बात का सबूत है कि कोरोना हवा से भी फैलता है।

4-कोरोना खुली जगह के मुकाबले बंद कमरों में ज्यादा तेजी से फैलता है। कमरों के खिड़की दरवाजे खोलने से फैलने की दर कम हो जाती है। मतलब कोरोना हवा से फैलता है।

5-अस्पतालों में होने वाले इंफेक्शन (nosocomial infections) PPE पहनने वाले हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स में भी मिले हैं। वजह यह कि उनके PPE ड्रॉपलेट से बचने के लिए तो डिजाइन किए गए, लेकिन एयरोसोल से बचने के लिए नहीं।

6-एक्सपर्ट्स ने कहा कि लैबोरेटरी में कोरोना वायरस को तीन घंटों तक हवा में तैरता देखा जा चुका है।

See also  पाक के लिए जासूसी के आरोप में 11 नौसैनिक गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए लीक करते थे संवेदनशील सूचनाएं

7-अस्पतालों और बिल्डिंगों में लगे एयर फिल्टर और डक्ट में भी कोरोना वायरस मिले हैं, ऐसी जगहों पर एयरोसोल के बिना वायरस नहीं पहुंच सकते।

8-पिंजरों में बंद जानवरों तक कोरोना पहुंचना यह बताता है कि वायरस हवा से भी फैलता है।

9-अब तक ऐसी कोई थ्योरी सामने नहीं आई तो इस बात को खारिज करे कि कोरोना वायरस हवा से नहीं फैलता।

10-कोरोना फैलने के दूसरे तरीकों जैसे नाक-मुंह से निकलने से वाले ड्रॉपलेट और फोमिटीज यानी कपड़ों, बर्तन, फर्नीचर आदि से फैलने के समर्थन में सीमित सबूत हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।