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कोरोना का खौफ : इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं होंगे बच्चे


नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण का असर स्वतंत्रता दिवस समारोह पर भी दिखाई देगा। समारोह का विशेष आकर्षण रहने वाले छोटे बच्चे इस बार नहीं होंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। समारोह में इस बार सीमित संख्या में ही लोगों को शामिल किया जाएगा।

लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। कोरोना के चलते इस बार समारोह में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे। कोरोना के कारण समारोह के आयोजन को लेकर अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर जारी है। नगर निगम, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल बोर्ड से लेकर कई दूसरी एजेंसियों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बैठने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए दो व्यक्तियों के के बीच में दो कुर्सियों का फासला रहेगा। पिछले वर्ष की तुलना में कम संख्या में लोगों को समारोह में शामिल किया जाएगा, जहां तिरंगा फहराया जाता है, उस तरफ भी सीटें कम की जाएंगी।



पीआईबी के प्रधान महानिदेशक कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए, एम्स में भर्ती

नई दिल्ली। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के प्रधान महानिदेशक केएस धतवालिया कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं और उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धतवालिया को शाम सात बजे एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। ट्रॉमा सेंटर में विशेष रूप से कोविड-19 के मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय मीडिया केंद्र (एनएमसी) को बंद कर दिया गया है, जहां धतवालिया का कार्यालय है और सोमवार को भी यह बंद रहेगा क्योंकि पूरी इमारत को संक्रमणमुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी एनएमसी बंद रहने की संभानवा है क्योंकि तय नियमों के मुताबिक संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि एनएमसी के पूरी तरह संक्रमणमुक्त होने और इसके दोबारा खुलने तक प्रेस कॉफ्रेंस समेत पीआईबी की सभी गतिविधियां शास्त्री भवन में आयोजित होंगी। धतवालिया ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रकाश जावड़ेकर के साथ मंच साझा किया था, जब उन्होंने मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी।



वाहनों के लिए बीएस-6 मानक अक्टूबर से लागू होंगे, नंबर प्लेट से होगी पहचान


नई दिल्ली। केंद्र ने सभी वाहनों के लिए नए उत्सर्जन मानक बीएस-6 को पहली अक्टूबर से लागू करने का फैसला किया है। इनकी पहचान नंबर प्लेट में लगी हरी, नारंगी पट्टी से होगी। बीएस-6 वाहन अधिक महंगे होंगे, लेकिन वाहन चालकों को अधिक माइलेज भी मिलेगा। वायु प्रदूषण 70 फीसदी कम होगा। लेकिन, बीएस-4 वाहनों को सड़कों से हटाया नहीं जाएगा।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को वाहनों के नए उत्सर्जन मानक बीएस-6 एक अक्तूबर से लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें बताया है कि पेट्रोल-सीएनजी चार पहिया बीएस-6 वाहनों के नंबर प्लेट पर एक सेंटीमीटर चौड़ी हरे रंग की पट्टी लगानी अनिवार्य होगी। डीजल वाहन में नारंगी रंग की पट्टी होगी। परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि निर्माता कंपनियों को वाहनों में एडवांस एमीशन कंट्रोल सिस्टम फिट करना होगा। जो डीजल वाहनों में 70%, पेट्रोल वाहनों में 25% तक नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करेगा।


अपने घर लौटे करोड़ों प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए केंद्र का ब्लूप्रिंट तैयार

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण पर रोक के लिए देश भर में लगाए गए लॉक डाउन के कारण लाखों मजदूरों की घर वापसी के बाद उनको वहीं पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी कवायद शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने देश के छह राज्यों के उन 116 जिलों की पहचान की है जहां लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर वापिस लौटे है। इन जिलों समाजिक कल्याण व सीधे लाभ से जुड़ी योजनाओं को तेजी से मिशन मोड में चलाया जाएगा।

कोरोना लॉकडाउन के दौरान अपने राज्यों और गांवों को लौटे करोड़ों प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास और रोजगार के लिए केंद्र सरकार ने पूरा खाका तैयार किया है। सबसे ज्यादा मजदूरों की वापसी वाले छह राज्यों के इन 116 जिलों में केंद्र सरकार की समाजिक कल्याण और सीधे लाभ वाली योजनाओं को तेजी से मिशन मोड में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य घर लौटे प्रवासियों के लिए आजीविका, रोजगार, कौशल विकास और गरीब कल्याण सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा है एक और कम दबाव का क्षेत्र, 10 जून को होगा सक्रिय


नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम की भविष्यवाणी करते हुए बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का सिस्टम बन रहा है इसके 10 जून तक सक्रीय होने की संभावना है। यह चक्रवात एम्फन के पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने के तीन सप्ताह बाद आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में चक्रवात एम्फन और निसर्ग ने काफी तबाही मचाई थी। निसर्ग का ज्यादा असर महाराष्ट्र और गुजरात में रहा था।

कम दबाव का क्षेत्र एम्फन और निसर्ग के आने के कुछ समय बाद बन रहा है। एम्फन ने 20 मई को जबकि निसर्ग ने तीन जून को तबाही बरपाई थी। एम्फन का ज्यादा असर बंगााल में था और इसकी वजह से वहां पर काफी जन-धन की हानि हुई थी। इसकी वजह से कई पेड़ उखड़ गए थे बारिश के कारण से कई इलाके जलमग्न हो गए थे।

छत्तीसगढ़ में बना गर्भवती महिलाओं के लिए अलग क्वारंटाइन सेंटर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों से लौट रहे प्रवासी श्रमिक समेत अन्य को क्वारंटाइन सेंटरों में भेजा जा रहा है। सभी क्वारंटाइन सेंटरों में गर्भवती माताओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।

इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के ग्राम केसला में प्रवासी गर्भवती महिलाओं के लिए प्रदेश का पहला पृथक क्वारंटाइन सेंटर शुरू किया गया है। इस सेंटर में राज्य के बाहर से वापस लौंटी प्रवासी महिला श्रमिक जो गर्भवती है, उनको ठहराया गया है ताकि उनकी बेहतर तरीके से देखभाल हो सके।

बिलासपुर जिले के ग्राम केसला में बने इस विशेष सेंटर में वर्तमान में आठ गर्भवति महिलाएं रुकी हुई हैं। सेंटर में उनके लिए सभी तरह की आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इस क्वारंटाइन सेंटर में महिला डॉक्टर व स्टाफ नर्स तैनात किए गए है, जो गाइडलाइन के अनुसार स्वयं और इन महिलाओं की शारीरिक दूरी, मास्क, फेसशील्ड और अन्य जरूरी सावधानियों के साथ चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रही हैं। यहां पर गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल के साथ-साथ उन्हें स्वच्छता और हाईजिन के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

मानसून सक्रिय होने से पहले जबरदस्त बारिश, आज भी बरसेंगे बादल


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में आज जबरदस्त बारिश होने की खबर है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक निसर्ग चक्रवात का आंशिक प्रभाव है। ऊपरी हवा के चक्रवर्ती घेरा के रूप में बिहार और उससे लगे उत्तर प्रदेश के ऊपर 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक है। ऊपरी हवा का चक्रवात घेरा विदर्भ और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। इसके प्रभाव से सोमवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।


दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थिति है। इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र अगले 48 घंटे में पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कल 8 जून को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है ।

प्रदेश में 803 मरीज, 3337 बेड, अगले 15 दिन में और 7356 बेड होंगे तैयार


रायपुर। दिल्ली और मुंबई समेत देश के बड़े शहरों और प्रदेशों में कोरोना मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या अस्पतालों में बेड की है, लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए फिलहाल अच्छी खबर ये है कि यहां अगर अगले 15 दिन में 10 हजार मरीज भी आए तो सबको बेड मिल सकता है। प्रदेश में अभी राजधानी समेत अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 3337 बेड तैयार हैं। इनमें 800 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, अर्थात आज की तारीख में ही ढाई हजार और मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करने के इंतजाम हैं।


मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हेल्थ विभाग ने जिलों में बनाए गए 135 आइसोलेशन सेंटरों में बेड तथा इलाज के जरूरी इंतजाम के साथ इन्हें कोविड ट्रीटमेंट सेंटर में बदलने का सिलसिला शुरू कर दिया है। अगले 15 दिन में इन्हें भी तैयार कर लिया जाएगा और यहां 7356 बेड उपलब्ध हो जाएंगे।

बिलासपुर संभाग को तीन लाख करोड़ का पैकेज: 4000 उद्योगों में आएगी गति


बिलासपुर। एमएसएमई को तीन लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा के बाद बिलासपुर सरगुजा के लगभग 4 हजार उद्योगों को राहत की उम्मीद है। अकेले बिलासपुर जिले में 2 हजार से ज्यादा लघु उद्योग हैं। जिनमें से लगभग एक हजार उद्योग पूंजी की कमी से जूझ रहे हैं। यह मदद इन उद्योगों के लिए संजीवनी साबित होगी।


छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिय़ा इस पैकेज को बहुत जरूरी बताते हुए कहते हैं कि बैंकों को भी लोन देने में रुचि लेनी होगी। सरकार कह चुकी है कि लोन की गारंटी उसकी है, तो अब कोई संशय नहीं होना चाहिए। संभाग के लगभग 4000 उद्योगों में से आधे से ज्यादा लॉकडाउन के कारण पूंजी की कमी से जूझ रहे हैं, उनको भारी राहत मिलेगी।
अगर लोन मिलने में आनाकानी हुई तो उद्योग संघ बैंकों से बात करेगा। हालांकि बैंकों का रुख भी सकारात्मक है। बैंक पुराने लोन में 10 से 20 प्रतिशत तक तत्काल ही बिना नए दस्तावेज के स्वीकृत कर रहे हैं। संभाग के उद्योग से जुड़े लोग भी नए प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर रहे हैं।

चीन समेत अन्य देश से सेल को मिला 6.5 लाख टन इस्पात का आर्डर,जुलाई 2020 तक डिस्पेच


रायपुर/भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के लिए कोरोना महामारी ने मौके के नए दरवाजे खोल दिया है। सेल को मई 2020 के अंत तक करीब 6.5 लाख टन इस्पात निर्यात करने का आर्डर मिला है। जिसमें से 2 लाख टन डिस्पेच भी किया जा चुका है। सेल ने इस संकट के दौर में भी उत्पादन को ठप नहीं किया। वह सुरक्षा के साथ कम उत्पादन करना जारी रखे है।


सेल प्रबंधन चीन के साथ-साथ दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों व अफ्रीकी देशों को इस्पात निर्यात करेगा। अब आर्डर भी आने लगे हैं। प्रबंधन नए आर्डर को जल्द पूरा कर डिस्पेच करने की तैयारी है। जिसमें से 2 लाख टन तक तैयार कर सेल ने डिस्पेच भी कर दिया है। नेपाल से भी अब आर्डर आने शुरू हो गए हैं।