टीआरपी डेस्क। पाकिस्तान की फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (एफजीसीएम) से मिली सजा पूरी कर चुके पांच भारतीयों को पाकिस्तान सरकार रिहा नहीं कर रही है। लाहौर की केंद्रीय कारागार में सजा पूरी करने के बावजूद भी पांच भारतीयों को अपनी रिहाई का इंतजार है। ये भारतीय बिरजू डंग उर्फ बिरंचू, विज्ञान कुमार, घनश्याम कुमार और सतीश भोग और सोनू सिंह हैं। सोनू सिंह कराची केंद्रीय कारागार में बंद है। जानकारी के अनुसार बिरजू डंग ने 29 अप्रैल, 2007 को अपनी सजा पूरी कर ली थी। 

पाकिस्तान सरकार रिहाई को तैयार नहीं

सजा पूरी करने के 13 वर्ष से अधिक का समय बीतने के बावजूद भी पाकिस्तान सरकार रिहाई को तैयार नहीं है। घनश्याम व विज्ञान कुमार ने अपनी सजा 19 जून 2014 को पूरी कर ली थी। सतीश भोग की सजा छह मई 2015 तक थी। इसी तरह कराची केंद्रीय कारागार में बंद सोनू सिंह ने तीन मार्च 2012 को सजा पूरी की थी। इस दौरान दोनों देशों ने कई बार अपने-अपने देशों की जेलों में सजा पूरी कर चुके नागरिकों व मछुआरों को रिहा किया। 

See also  वीडियो वायरल: शराब और शबाब के बीच थिरकते नजर आए सरगुजा के ये सियासी चेहरें,पहचाने कौन

भारतीय दूतावास ने कई बार इन नागरिकों की रिहाई की मांग पाकिस्तान सरकार से की

इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास ने कई बार इन नागरिकों की रिहाई की मांग पाकिस्तान सरकार से की लेकिन अभी तक इन भारतीयों की रिहाई संभव नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सरकार की ओर से इन भारतीयों की रिहाई पर गंभीरता न दिखाने पर इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग की एक अधिकारी अपर्णा रे ने स्थानीय वकील मलिक शाहनवाज के माध्यम से लाहौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में सजा पूरी कर चुके इन सभी भारतीयों की रिहाई की मांग की गई है।  

पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं 324 भारतीय

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के अनुसार दोनों देश वर्ष में दो बार अपने यहां बंद नागरिकों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं। जुलाई 2020 में पाकिस्तान सरकार से मिली जानकारी के अनुसार उसकी अलग-अलग जेलों में इस समय 324 भारतीय बंद हैं। इनमें से 270 मछुआरे और 54 सिविल कैदी हैं। दोनों देशों के बीच 2008 में हुए समझौते के आधार पर यह जानकारी दी जाती है।  

See also  11 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर, आदेश में देखें कौन-किधर गया

265 सिविल कैदी और 97 मछुआरे भारतीय जेलों में सजा काट रहे

भारत सरकार ने भी अलग-अलग जेलों में बंद 362 पाकिस्तानी कैदियों की सूची दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजी थी। इस सूची के अनुसार पाकिस्तान के 265 सिविल कैदी और 97 मछुआरे भारतीय जेलों में सजा काट रहे हैं। सूचियों के आदान-प्रदान के बाद पाकिस्तान ने केंद्र सरकार से सजा पूरी कर चुके 15 सिविल कैदियों और 47 मछुआरों को रिहा करने की मांग की है। 

पाकिस्तानी मछुआरों व 77 नागरिकों को कानूनी सहायता देने की मांग की

पाकिस्तान ने इन कैदियों के बारे में पाकिस्तानी नागरिकता की पुष्टि के बारे में भारत सरकार को जानकारी दे दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारतीय जेलों में सजा काट रहे पाकिस्तानी मछुआरों व 77 नागरिकों को कानूनी सहायता देने की मांग की है। दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के कारण इस वर्ष अटारी-वाघा सीमा से कैदियों की वतन वापसी नहीं हो सकी है।

See also  अंतागढ़ टेपकांड: अमित जोगी का कोर्ट में आवेदन पेश, मामले में खुद करना चाहते हैं बहस

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।