धान
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टीआरपी डेस्क। कलेक्टर संजीव कुमार झा के द्वारा नोटिस का जवाब नहीं देने तथा कस्टम मिलिंग का कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले अंबिकापुर जिले के पांच राइस मिलों को दो वर्ष की कालावधि के लिए काली सूची (ब्लैक लिस्टेड) में दर्ज कर दिया गया है।

जारी आदेश में कहा कि गया है राज्य शासन के आदेश के तहत कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन हेतु समस्त राइस मिलों का कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराकर मिलिंग का कार्य किया जाना अनिवार्य है।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित एफसीआई अरवा कस्टम मिलिंग हेतु अब तक मे. अम्बे राईस मिल कोटया दरिमा, मे. बिमल राईस खड़धोवा थाना रोड बतौली, मेसर्स महादेवी राईस मिल सकालो अम्बिकापुर, मेसर्स महादेवी राईस मिल यूनिट – 3 सकालो अम्बिकापुर तथा मेसर्स विक्की राईस मिल-2 प्रतापगढ़ सीतापुर के द्वारा निर्देश उपरांत भी कस्टम मिलिंग कार्य प्रारंभ नहीं करने के कारण स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था।

किन्तु निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया न ही कस्टम मिलिंग का कार्य प्रारंभ किया गया जिससे छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कण्डिका 3 (1) (3) 4 (3) तथा आदेश के अंतर्गत दिए गए निर्देश के उल्लंघन के कारण उक्त राईस मिल को दो वर्ष की कालावधि के लिए काली सूची में दर्ज की गई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।