भारत बायोटेक
अमेरिका में क्लीनिकल परीक्षण करेगी भारत बायोटेक, जानें क्यों?

टीआरपी डेस्क। भारत बायोटेक ने कहा है कि वह कोवैक्सीन के लिए मार्केटिंग आवेदन को समर्थन देने के लिए अमेरिका में क्लीनिकल ट्रायल आयोजित करेगी। इससे पहले अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (यूएसएफडीए) ने कोवैक्सीन को झटका देते हुए इसके आपातकालीन उपयोग की अनुमति को खारिज कर दिया था। भारत सरकार ने इसे लेकर कहा था कि हम इस फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन इसका हमारे टीकाकरण कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यूएसएफडीए ने भारत बायोटेक कंरनी के अमेरिकी साझेदार ओक्यूजेन इंक को सलाह दी है कि वह कोवैक्सीन टीके के इस्तेमाल की मंजूरी पाने के लिए अतिरिक्त आंकड़ों के साथ जैविक लाइसेंस आवेदन (बीएलए) के जरिए अनुरोध करे। ऐसे में कोवैक्सीन टीके को अमेरिकी मंजूरी मिलने में अब थोड़ा और समय लग सकता है। उल्लेखनीय है कि बीएलए, एफडीए की एक ‘पूर्ण अनुमोदन’ व्यवस्था है, जिसके तहत दवाओं और टीकों की मंजूरी दी जाती है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।