नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज में हुई बड़ी लापरवाही के चलते देश में कोरोना का खतरा और भी बढ़ गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद के उन ठिकानों का पता लगा लिया है जहां वो छिपकर बैठा है।

लेकिन इससे बड़ी बात यह है कि ठिकानों का पता चल जाने के बाद भी पुलिस मौलाना साद को जानबूझकर नहीं पकड़ रही है। इसके पीछे बहुत बड़ी वजह है। क्राइम ब्रांच को मिली जानकारी के मुताबिक, मौलाना साद दिल्ली के जाकिर नगर में स्थित अपने घर में क्वारंटाइन हैं। मौलाना साद के ठिकानों की जानकारी मिल जाने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो वो अभी मौलाना साद से पूछताछ नहीं कर सकती।

ये है पीछे की वजह

दरअसल, जमात से जुड़े अधिकतर लोगों में जिस तरह से कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, उससे यह भी आशंका है कि मौलाना साद भी कोरोना की चपेट में न आ गए हों। इसलिए एहतियातन क्राइम ब्रांच अभी मौलाना साद के क्वारंटाइन अवधि के पूरा होने का इंतजार कर रही है।

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आपको बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के कोरोना संक्रमण को लेकर बरती गई बड़ी लापरवाही का खुलासा होते ही नामदज किए गए मरकज प्रमुख मौलाना साद समेत प्रबंधन से जुड़े कुल लोग दिल्ली में ही अपने-अपने घरों में होम क्वारंटीन हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।