टीआरपी डेस्क। कोरोना महामारी के बीच एक और बीमारी ने डर फैला दिया है, ये बीमारी है बर्ड फ्लू ( Bird Flu )। इंसानों में इस वायरस से मृत्यु दर करीब 60% है। देश के चार राज्यों में अभी तक बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। हिमाचल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल में बर्ड फ्लू फैल चुका है। कर्नाटक, गुजरात और हरियाणा में भी पक्षियों की मौत से लोग सहमे हैं। केरल में मुर्गों और बत्तखों को मारना भी शुरू कर दिया गया है।

देश में फिलहाल बर्ड फ्लू की क्या स्थिति है?

बर्ड फ्लू को लेकर 7 राज्यों में हड़कंप मचा हुआ है। 4 राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। भोपाल की हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब में राजस्थान, केरल और एमपी के पक्षियों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं जिनमें बर्ड फ्लू का H5N8 वायरस मिले हैं। जबकि हिमाचल के सैंपल में H5N1 वायरस पाए गए हैं। केरल में बर्ड फ्लू उधर जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में भी अलर्ट जारी किया गया है।

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क्या है बर्ड फ्लू वायरस?

बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा ( Avian influenza or bird flu ) के नाम से भी जानते हैं। पक्षियों से एक दूसरे में फैलने वाले वाला यह वायरस बेहद संक्रामक होता है। इसके कई सारे स्ट्रेन होते हैं लेकिन सबसे खतरनाक स्ट्रेन H5N1 होता है। प्रवासी पक्षियों के जरिए इस वायरस का एक देश से दूसरे देश में प्रसार होता है। पक्षियों के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार या आंखों से निकलने वाली पानी के जरिए भी यह वायरस होता है। कई बार ऐसा होता है कि हवा उड़ते हुए भी जब पक्षी मल-मूत्र का त्याग करते हैं तो यह वायरस फैलता है।

इंसानों के लिए बर्ड फ्लू कितना खतरनाक है?

इंसानों में इस वायरस के मामले कभी-कभी ही देखने को मिलते हैं। एक शख्स से दूसरे शख्स में इस वायरस के फैसले की संभावना कम होती है। इंसानों में इस वायरस से मृत्यु ( Bird Flu Death Rate in Human ) दर करीब 60% है। बर्ड फ्लू अब तक दुनिया में चार बार बड़े पैमाने पर फैल चुका है। यहां तक कि 60 से ज्यादा देशों में महामारी का रूप भी ले चुका है। साल 2003 से लेकर अब तक H5N1 बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित इंसानों और मौत की बात करें तो कुल 861 लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें से 455 मारे जा चुके हैं।

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कैसे होता है बर्ड फ्लू के मरीज का इलाज?

बर्ड फ्लू से संक्रमित मरीजों को विशेष देखभाल के तहत इलाज ( Bird Flu treatment in humans) की जरूरत होती है। एंटी वायरल दवा ओसेल्टामिवीर से बर्ड फ्लू से संक्रमित मरीज को राहत दे सकती है। इसका इस्तेमाल डॉक्टरी निगरानी में ही किया जाना चाहिए।  H5N1 बर्ड फ्लू वायरस के कुछ वैक्सीन भी बने हैं, जिन्हें ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, कनाडा जैसे देशों ने अपने पास जमा करके रखा है।

बर्ड फ्लू के लक्षण

  • आम तौर से संक्रमित होने के 2-8 दिनों के बाद लक्षण लगभग जाहिर होते हैं।
  • संक्रमित लोगों को सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों का सामना होता है।
  • तेज बुखार, खांसी, गले की खराश, मितली, उल्टी, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, इनसोमनिया और आंखों का संक्रमण शामिल है।
  • बच्चों को भी वही लक्षण सामने आते हैं, ये वायरल संक्रमण बढ़कर न्यूमोनिया हो सकता है।
  • कभी-कभी तो सांस की परेशानी भी हो सकती है।
  • बर्ड फ्लू न्यूमोनिया का बहुत आक्रामक शक्ल की वजह बनता है जो अक्सर घातक होता है।
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नॉनवेज खरीदते वक्त साफ-सफाई का रखें ध्यान

यह बीमारी इंसानों में मुर्गियों और संक्रमित पक्षियों के बेहद पास रहने से होती है। यह वायरस इंसानों में आंख, नाक और मुंह के जरिए प्रवेश करता है। एवियन इन्फ्यूएंजा वायरस काफी खतरनाक होता है और यह इंसानों की जान तक ले सकता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर बर्ड फ्लू का संक्रमण इलाके में फैला है तो नॉनवेज खरीदते वक्त साफ-सफाई रखें। अधपके मांस या कच्चे अंडे खाने से परहेज करें।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।