रायपुर। प्रदेश में इस वर्ष न तो ट्रांसफर नीति आएगी और न ही तबादले होंगे। राज्य की माली हालत को देखते हुए यह निर्णय हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से सरकार करीब 180 करोड़ रुपए की बचत कर लेगी।


बता दें कि वित्त विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने मुहर लगा दी है। जीएडी ने इस पर काम प्रारंभ कर दिया है। कोरोना की वजह से वित्त विभाग ने ट्रांसफर के खर्च का बोझ उठाने से मना कर दिया है। हालांकि, बजट में इसका प्रावधान किया गया था। अब सरकार ने तय किया है किसी का तबादला भी किया जाएगा तो उसे उसी कार्यालय में या उसी शहर में विभाग के किसी और दफ्तर में समकक्ष पद रखा जाएगा।


ये है प्लानिंग

कोरोना की वजह से एक जिले से दूसरे जिलों में सचिवों-अफसरों के दौरे भी बंद हैं,इसलिए ये व्यय भी बचेगा। फील्ड स्टाफ को लेकर विचार जारी है। पिछले दिनों कुछ विभागों में प्रमोशन तो हुए, लेकिन उन अधिकारियों-कर्मचारियों को वहीं पदस्थ कर दिया गया। पदोन्नति के बाद बढ़ी हुई तनख्वाह भी नहीं मिलेगी। आर्थिक स्थिति पटरी पर आने पर कर्मचारियों को उसका एरियर्स दे दिया जाएगा। पिछले दिनों हुई बैठकों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खर्च कम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।