नई दिल्ली। Budget 2021 संसद में पेश किए जाने वाले देश के आम बजट पर इस बार कोरोना की छाया पड़ गई। कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से 73 साल पुरानी बजट परंपरा टूट गई। इस साल ना तो बजट की छपाई होगी ना ही हलवा रस्म की अदायगी होगी।

बता दें कि आजाद भारत में 26 नवंबर, 1947 को पहली बार बजट के रूप में वित्तीय लेखाजोखा पेश किया गया था। तब से संसद में पेश होने वाले बजट की छपाई का चलन है, लेकिन इस वर्ष यह परंपरा टूट रही है। इसी वजह से बजट छपाई की औपचारिक शुरुआत से पहले इस बार वित्त मंत्रालय में हलवा की खुशबू भी नहीं फैलेगी।

सॉफ्ट कॉपी से बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार पहली फरवरी को सॉफ्ट कॉपी से बजट पेश करेंगी। सांसदों को भी बजट की हार्ड कॉपी यानी छपी हुई प्रति नहीं दी जाएगी। बजट के अलावा इस वर्ष आर्थिक सर्वे की भी छपाई नहीं हो रही है। इन परंपराओं को इसलिए तोड़ना पड़ रहा है क्योंकि बजट की छपाई अति गोपनीय तरीके से होती है।

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छपाई के दौरान एक साथ 50 से अधिक कर्मचारी वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में लगभग 15 दिनों तक अपने घर-परिवार से पूरी तरह दूर एक साथ रहते हैं, जो कोरोना के इस दौर में संभव नहीं है। बजट की छपाई में लगने वाले कर्मचारियों को बाहर निकलने की इजाजत देने से बजट के लीक होने की आशंका रहेगी।

सूत्रों के मुताबिक इन तमाम पहलुओं को देखते हुए इस बार बजट को छापने की जगह उसे पूरी तरह से सॉफ्ट रूप में पेश किया जाएगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।