रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। चुनाव कराने की जिम्मेदारी शिवराज भंसाली को दी गई है और उनके नेतृत्व में 14 जनवरी से पहले चुनाव कराया जाएगा। बैठक में कोरोना काल को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि व्यापारी अब रायपुर में आकर वोट नहीं डालेंगे, बल्कि जिस जिले में 500 मतदाता है, वहां वे जाकर वोट डाल सकते हैं।

अमर पारवानी को चेंबर से बहिष्कार करने की मांग

इसके साथ ही 500 से कम वाले मतदाता निकट के जिले में आकर अपना मताधिकार का प्रयोग कर सकते है। वहीं बैठक के बाद कुछ पदाधिकारियों ने कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अमर परवानी को चेंबर से बहिष्कार करने की भी मांग कर दी।

जितेन्द्र बरलोटा ने चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा

चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों की रविवार को वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें चेम्बर के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा ने चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जाहिर की। चेम्बर पदाधिकारियों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। बैठक में 14 जनवरी से पहले चुनाव कराने पर सहमति जताई है। सराफा व्यापारी शिवराज भंसाली को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है और उनके नेतृत्व में चुनाव संपन्न होगा।

See also  खम्हारडीह मारपीट: विहिप, बजरंग दल एवं सामाजिक संगठनों ने किया थाने का घेराव

वोट डालने के लिए ऐसी सुविधा

बैठक में कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार चुनाव प्रक्रिया में बदलाव पर भी सहमति जताई है। पूरे प्रदेश के चुनाव रायपुर में ही होते थे और पूरे प्रदेश के व्यापारियों को मतदान करने के लिए रायपुर का रुख करना पड़ता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा जिस जिले में 5 सौ मतदाता हैं, वहां पोलिंग बूथ बनाया जाएगा और व्यापारी वहां वोट डाल सकेंगे। जिन जिलों में पांच सौ से कम मतदाता हैं वहां के मतदाता पड़ोस के जिले में वोट डाल सकेंगे। आय-व्यय का लेखा जोखा भी रखा गया। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ, लालचंद गुलवानी, योगेश अग्रवाल, राधाकिशन सुंदरानी, राजेन्द्र जग्गी, प्रकाश अग्रवाल, रमेश गांधी, अरविंद जैन, दिलीप सिंह होरा, आशीष जैन, लोकेश जैन और चंदर विधानी भी थे।

विरोध और बहिष्कार की भी उठी मांग

बैठक में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अमर परवानी के चेम्बर चुनाव लडऩे परचेम्बर के पदाधिकारी योगेश अग्रवाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि परवानी पिछले तीन साल तक अलग संगठन चलाते रहे हैं और अब चेम्बर चुनाव लडऩे की इच्छा जता रहे हैं। इसका कड़ा विरोध किया जाना चाहिए और उनका बहिष्कार भी होना चाहिए। कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने श्रीचंद सुंदरानी और पूरनलाल अग्रवाल ने अग्रवाल का साथ देते हुए कहा कि जब तक चेम्बर में सुंदरानी, पूरनलाल, रमेश मोदी और जितेन्द्र बरलोटा जैसे समर्पित लोग हैं, कोई भी दूसरे संगठन चेम्बर पर अपना कब्जा नहीं कर सकता। अब तक व्यापारी एकता पैनल पर दबदबा रहा है और आगे भी बना रहेगा।

See also  दमिश्क पर इज़राइल का हमला ! ज़बरदस्त बमबारी, लाइव शो छोड़कर भागी एंकर

आपसी लड़ाई के कारण चेम्बर को नुकसान

कैट के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने कुछ पदाधिकारियों द्वारा अमर परवानी के खिलाफ टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चेम्बर पदाधिकारियों की आपसी लड़ाई के कारण कमजोर हुआ है न कि कैट की सक्रियता की वजह से। राष्ट्रीय स्तर पर जितने भी संगठन हैं उसकी छत्तीसगढ़ में शाखाएं हैं। चेम्बर के सदस्य, कैट के भी सदस्य हैं। फिक्की से भी जुड़े हैं, सीआईआई और पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स के साथ भी जुड़े हैं। यानी एक व्यापारी का एक से अधिक संस्थाओं से जुड़े रहना सामान्य बात है। यदि कोई संस्था व्यापारी हित के लिए ठीक से काम नहीं कर पा रहा है, तो दूसरा भी न करे, ऐसा नहीं हो सकता है। आपसी लड़ाई के कारण चेम्बर को नुकसान हुआ है। कुछ अच्छे भी काम हुए हैं। मगर संगठन को मजबूत बनाना व्यापारियों के हित में हैं।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

See also  इजरायल-अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर किया हमला, मचा हड़कंप…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।