रायपुर। राजभवन और राज्य सरकार की तकरार अब खुलकर सामने आई है। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने विशेष सत्र आहूत करने की फाइल वापस लौटा दी है। सरकार ने कल ही विशेष सत्र आहूत करने फाइल राजभवन भेजी थी।

राजभवन ने पूछा है कि ऐसी कौन सी परिस्थिति है कि विशेष सत्र बुलाया जाये। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने यह भी कहा है कि 58 दिन पहले ही सत्र आहूत हुआ था। आपको बता दें कि राज्य सरकार और राजभवन में लगातार टकराव की स्थिति निर्मित हो चुकी है।

राजभवन और सरकार के बीच कड़वाहट उस वक्त सामने आई जब गृहमंत्री राज्यपाल द्वारा बुलाई गई गृह विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल नहीं हुए। इस मामले में बीते दिनों ही गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सफाई दी थी।

पत्रकारवार्ता में ताम्रध्वजसाहू ने कहा कि राज्यपाल के अपमान की उनकी उनकी कोई मंशा नहीं है। राज्यपाल की चिट्ठी मिलने के बाद तत्काल बाद राजभवन में बैठक की तारीख तय की गई। वे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे, इसलिए बैठक में नहीं जाने का निर्णय लिया गया।

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इसे किसी विवाद, टकराव या अवमानना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अगर अवमानना या टकराव की कोई बात होती तो राजभवन से चिट्ठी आने के बाद बैठक की तारीख तय ही नहीं की जाती। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने भी राजभवन और सरकार के बीच टकराव से इनकार किया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।