छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य जहां DL और RC हो रहे आधार से लिंक... अब तक 62853 लोगों ने लिया लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र को आधार के साथ लिंक किया जा रहा है। अबतक कुल 62853 लोगों ने अपना डीएल या आरसी आधार से लिंक कराया है। दरअसल आरटीओं की व्यवस्था को दुरूस्त करने व आम लोगों की सहुलियत को देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है।

लोगों के आने वाले समय में यदि किसी प्रकार के बदलाव की जरूरत हो तो उन्हें आरटीओं के चक्कर न लगाने पड़े। इसके अलावा इससे वाहन स्वामी का सही पता और जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे अपराध रोकने और उसकी जांच में भी मदद मिलेगी।

अब तक 62853 लोगों ने लाइसेंस और आरसी किया आधार से लिंक

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने बताया कि राज्य में अब ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बुक को आधार से लिंक किया जाने लगा है। अबतक कुल 62853 लोगों ने डीएल (29356) या आरसी (33497) को आधार कार्ड से लिंक करवा लिया है, ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है।

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बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति

ऐसा करने से किसी प्रकार के सुधार के लिए कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से बिचौलियो से भी छुटकारा मिल जाएगा। न ही किसी प्रकार के कतार में आपको खड़ा होना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) समेत 22 तरह की सेवाओं के लिए अब परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

अबतक 45000 लोगों को घर बैठे मिला लाभ

आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सात दिनों में दस्तावेज स्पीड पोस्ट के माध्यम से लोगों के घर पहुंच जाएगा। आरटीओ से दस्तावेज स्पीड पोस्ट किए जाने के साथ आवेदक को एक ट्रेकिंग आइडी मोबाइल पर प्राप्त होगा। इसके माध्यम से आप डाक की लोकेशन भी ट्रेस कर सकते हैं। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अबतक 45000 लोगों को डीएल या आरसी स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई है। जिसमें से मात्र 419 डाक ही वापस आई है।

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इन सेवाओं की मिलेगी घर पहुंच सुविधा

अधिकारियों का कहना है कि परिवहन विभाग को पेपरलेस बनाने आम लोगों को घर बैठे सुविधाएं पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर का भी पूरा समर्थन है। कोरोना काल में तुंहर सरकार, तुंहर द्वार के तहत विभाग का कायाकल्प किया जा रहा है। लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को आधार से इंटीग्रेट कर एवं सभी प्रकार की सुविधाओं को पंजीकृत पते पर भेजने की सुविधा प्रारंभ कर रहा है। इससे संपर्क रहित प्रमाण पत्रों को आवेदक के पंजीकृत पते पर भेजा जाएगा। इससे संक्रमण में कमी तो आएगी ही साथ ही सही पता मालूम होने से परिवहन विभाग एवं वाहन मालिक के बीच पत्राचार करना भी आसान हो जाएगा।

7 दिनों के अंदर मिल जाएगी डाक

परिवहन संबंधित सभी प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेजों को भी ऑनलाइन अपलोड करना है। वेरिफिकेशन के सात दिनों के भीतर ही प्रमाण पत्र पंजीकृत पते पर भेज दिए जाएंगे। सरकार द्वारा आरंभ की गई इस नई सुविधा में लाइसेंस की 10 और वाहन से सबंधित 12 सेवाएं घर पहुंचाकर दी जाएगी। इसमें नए वाहनों का पंजीयन, पुराने वाहनों का आरसीसी में संशोधन, नए ड्रायविंग लाइसेंस व पुराने लाइसेंस में कराए जाने वाले परिवर्तन के बाद ड्राइिंवग लाइसेंस और आरसी समेत अन्य सेवाएं शामिल हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।