रायपुर। प्रदेश में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कोरोना के एक्टिव केस 37 हजार 489 हैं। इस बीच अच्छी खबर यह है की ठीक होने वालों की संख्या 46 हजार 81 है। लेकिन अब एक नई जानकारी सामने आई है। वह यह है कि जो कोरोना वायरस से जंग जीत चुके हैं, जरूरी नहीं कि वो दोबारा संक्रमित नहीं होंगे।

दरसल डॉ. नागरकर ने जानकारी देते हुए कहा की कोरोना वायरस से जंग जीत चुके हैं, जरूरी नहीं कि वो दोबारा संक्रमित नहीं होंगे। उन्हें फिर से संक्रमण अपनी चपेट में ले सकता है। इसे लेकर राज्य सरकार ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में रायपुर एम्स के डायरेक्टर डॉ नितिन एम नागरकर जानकारी दे रहे हैं।

डॉ. नागरकर एक वीडियो में कहते दिख रहे हैं कि यह जानने की कोशिश हो रही है कि कोरोना से व्यक्ति दोबरा संक्रमित हो रहे हैं या नहीं। इस पर रिसर्च जारी है। कुछ लोगों में संक्रमण दोबारा देखने में आया है। इसलिए सावधानी जरूरी है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी लोग अपनी इम्युनिटी, सफाई, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसी बातों का ध्यान रखें।

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डॉक्टर्स अब तक कई अहम फैक्ट की स्टडी में समझे हैं

छत्तीसगढ़ के डॉक्टर्स ने कई अहम फैक्ट अब तक की स्टडी में समझे हैं। ऐसे में प्रदेश के डॉक्टर्स की स्टडी मायने रखती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि कब कोरोना की जांच करवाएं अगर किसी को सर्दी खांसी, बदन दद, सिर में दर्द, लूज मोशन, स्वाद या खुशबू महसूस ना हो रही हो तो जांच करानी चाहिए। डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि हर गले में दर्द, या सर्दी खांसी कोरोना हो ऐसा जरूरी नहीं है। पहले डॉक्टर की सलाह पर दवाएं लेनी चाहिए जब आराम ना मिले तो कोरोना जांच के लिए अस्पताल जाना चाहिए।

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