इस महीने मिल सकते हैं कोविशील्ड के 3.5 लाख वैक्सीन
प्रतीकात्मक तस्वीर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार 18 + के कोरोना टीकाकरण अभियान उलझ कर रह गया है। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने टीकाकरण को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है। इस बीच सीरम इंस्टीस्च्यूट को कोविशील्ड वैक्सीन की 3 लाख 50 हजार डोज का आर्डर भेजा गया है।

सरकार की कोशिश है कि उच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप अभियान को व्यवस्थित किया जा सके। इस बीच नए टीकों के लिए पर्चेज आर्डर जारी किए जा रहे हैं। आज ही सीरम इंस्टीस्च्यूट के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे इस महीने 3 लाख 50 हजार डोज देने की स्थिति में हैं। ऐसे में उनको तत्काल ही इसके लिए आर्डर भेज दिया गया है।

चार दिनों में 54 हजार टीके लगे हैं

18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए एक मई को कोवैक्सीन की 1 लाख 3 हजार 40 डोज पहुंची थी। दोपहर बाद दो बजे से वैक्सीनेशन शुरु हुआ। पिछले चार दिनों के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश भर में 54 हजार 346 लोगों को कोरोना से बचाव का यह टीका लगाया गया है। इस टीकाकरण को सरकार ने आयु वर्ग के साथ समाज के सबसे गरीब तबके लिए आरक्षित कर रखा था।

See also  Train Accident : कोयला खाली कर वापस लौट रही मालगाड़ी का इंजन हुआ बेपटरी, मालगाड़ियां हुईं प्रभावित

45+ के लिए आज-कल में मिल सकती है वैक्सीन

इस बीच 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण जारी है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया, आज वैक्सीन स्टाक में करीब 2 लाख डोज बचे थे। यह एक-दो दिन के अभियान में काम आ सकता है। केंद्र सरकार की ओर से बताया गया है कि शुक्रवार-शनिवार में वैक्सीन की एक और खेप रायपुर पहुंच जाएगी। इसमें कौन सी वैक्सीन होगी और कितना डोज मिलेगा अभी यह स्पष्ट नहीं है।

उलझ गया टीकाकरण अभियान

राज्य सरकार ने 30 अप्रैल के आदेश से प्रदेश में एक मई से 18+ के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान की घोषणा की। इस आदेश में कहा गया कि यह टीका सबसे पहले अन्त्योदय राशन कार्ड धारी व्यक्तियों को लगेगा। उनको लग जाने के बाद गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को सबसे बाद में गरीबी रेखा से ऊपर के लोगों को लगाया जाएगा। विपक्ष इसको आरक्षण बताकर विरोध कर रहा था। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी सहित कुछ लोगों ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी। न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई के बाद कहा, बीमारी गरीबी और अमीरी देखकर नहीं लगती। आज इस मामले में फिर सुनवाई होनी है।

See also  शहरी और मुख्य सड़क पर स्थित स्कूलों में स्वीकृत से अधिक शिक्षक हैं पदस्थ- नारायण चंदेल
Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।