रायपुर। प्रदेश में अब कोरोना वायरस की पहचान के लिए लोग सीटी स्कैन करवा रहे हैं। जिसके एवज में जांच सेंटर्स मरीजों से मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य शासन ने कोविड मरीजों के उपचार के दौरान हाई रिजाल्यूशन एचआरसीटी इन्वेस्टिगेशन की आवश्यकता होने पर निजी चिकित्सालयों एवं डायग्नोस्टिक केन्द्रों के लिए दरें तय की हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में 4500 रुपए तक सीटी स्कैन के लिए, लिए जा रहे हैं। यही वजह है कि सरकार ने सख्त फैसला लिया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार सीटी चेस्ट विदाउट कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 1870 रुपए व सीटी चेस्ट विद कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 2354 रुपए निर्धारित शुल्क रखा गया है।

शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों द्वारा कोविड -19 मरीजो के इलाज हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाए। आईसीएमआर एवं राज्य शासन द्वारा तय किए गए ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का पालन करते हुए केवल आवश्यक जांच ही कराई जाए। कोविड 19 मरीजों का आरटीपीसी आर/ट्रूनाट/एंटीजेन टेस्ट केवल आईसीएमआर एवं राज्य शासन द्वारा अधिकृत पैथालॉजी केन्द्रों/अस्पतालों में ही किया जाए।

प्रोटोकॉल से होगा सीटी स्कैन

उपरोक्त आदेश का उल्लंघन एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897, छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट 1949तथा छत्तीसगढ़़ एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन एक्ट 2020 के तहत दंडनीय होगा। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि इन तय दरों से अधिक शुल्क लेना दंडनीय अपराध है। आदेश में यह भी जिक्र है कि आईसीएमआर एवं राज्य शासन द्वारा तय किए गए ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का पालन करते हुए केवल आवश्यक डायग्नोस करवाए जाएं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।