नई दिल्ली। आने वाले 2 दिन पृथ्वी के लिए बेहद खास होने जा रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऐसे कुछ विशाल ऐस्टरॉइड (क्षुद्रग्रह) पर नजर रखे हुए है, जो 5 और 6 जून को पृथ्वी के करीब से गुजरेंगे। हालांकि, NASA ने फिलहाल किसी खतरे की आशंका नहीं जताई है। 24 मी से 54 मीटर व्यास वाला ऐस्टरॉइड ‘2020 KN5’ 4 जून को पृथ्वी के पास से गुजरा। इसी तरह ‘2020 KA6’ पृथ्वी से 44.7 लाख किमी की दूरी पर 5 जून को गुजरेगा। इसका व्यास 12 मी -28 मी का माना जा रहा है।

50.9 लाख किमी की दूरी से 6 जून को गुजरेगा

सबसे बड़ा ऐस्टरॉइड जिसका नाम 33163348 (2002 NN4) है, पृथ्वी से 50.9 लाख किमी की दूरी से 6 जून को गुजरेगा। NASA के मुताबिक, इसका डायमीटर 250 मीटर से 570 मीटर के बीच होगा। डेलीस्टार वेबसाइट के अनुसार, नासा ने ऐस्टरॉइड को Aten asteroid के रूप में वर्गीकृत किया है, जो कि सूर्य के चारों ओर मौजूद बेहद विस्तृत कक्षा के बाहर स्पेस रॉक है।

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2002NN4 की पृथ्वी से दूरी के बावजूद, NASA स्पेस रॉक को अर्थ-नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट मानता है – वह सभी ऐस्टरॉइड को NEO के रूप में देखता है, यदि वे 1.3 खगोलीय इकाइयों के भीतर पृथ्वी से गुजरते हैं। NEO शब्द का उपयोग नासा द्वारा धूमकेतु और ऐस्टरॉइड का वर्णन करने के लिए किया गया है।

NASA का ‘ऐस्टरॉइड वॉच’ सिस्टम ऐसे क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं को ट्रैक करता है, जो पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब पहुंचने वाले हैं। यह बताता है कि उनका आकार, गति क्या होगी, वे कब पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले हैं और पृथ्वी से उनकी दूरी क्या रहेगी। यदि किसी तेज रफ्तार स्पेस ऑब्जेक्ट के धरती से 46.5 लाख मील से करीब आने की संभावना होती है, तो उसे खतरनाक ऑब्जेक्ट माना जाता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।