नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली कोरोना टेस्टिंग किट बनाने वाला देश का पहला शैक्षणिक संस्थान बन गया है। अब भारत को चीन या अन्य देशों पर कोविड-19 के टेस्ट के लिए निर्भर नहीं रहना होगा। आईआईटी की पीसीआर आधारित टेस्टिंग किट को आईसीएमआर ने मंंजूरी भी दे दी है। हालांकि, इस किट का उत्पादन कितना होगा, इस बारे में जानकारी नहीं है।

यह किट बाजार में मौजूदा किट की अपेक्षा एक चौथाई सस्ती हो सकती है। इससे संक्रमण का पता भी जल्दी लग जाएगा। इस किट को संस्थान की कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेंस (केएसबीएस) की टीम ने तैयार किया है।

टीम के सदस्यों ने 18-18 घंटे काम किया

टीम के सदस्य प्रो. बिश्वजीत कुंदू और प्रो. विवेकानंद पेरुमल ने बताया कि टीम ने इसे बनाने का काम तभी से शुरू कर दिया था, जब देश में संक्रमण का पहला केस केरल में मिला था। 22 मार्च से लेकर 9 अप्रैल तक टीम के सदस्यों ने 18-18 घंटे काम किया। लाॅकडाउन के कारण किट को टेस्ट के लिए पुणे भेजने में दिक्कत आ रही थी। कूरियर एजेंसी काफी मान-मनौव्वल के बाद इसे पुणे स्थित लैब ले गई। इस बार प्रोटोकॉल को मान्यता मिल गई।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।